नरवापहाड़ में यूसिल का 63वां रक्तदान शिविर, 231 यूनिट रक्त संग्रह — “जीवन बचाने वालों को मिलती है दुआएं” गीत ने जीता दिल
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा: यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) के नरवापहाड़ यूरेनियम प्रोजेक्ट प्रबंधन की ओर से शनिवार को नरवापहाड़ क्लब भवन में 63वां रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। शिविर में भारी संख्या में कर्मचारियों, महिलाओं और सीआईएसएफ जवानों ने हिस्सा लिया। रक्तदाताओं के उत्साह का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कुल 231 यूनिट रक्त संग्रह किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ यूसीआईएल के कार्यकारी निदेशक एम.के. सिंघई, जादूगोड़ा ग्रुप ऑफ माइंस के मनोरंजन महाली और नरवापहाड़ इकाई की चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. कंचन भट्ट मिश्रा ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर एम.के. सिंघई ने कहा कि “एक छोटा सा रक्तदान किसी को जीवन दे सकता है। दुर्घटना में जूझ रहे परिवार को फिर से सहारा मिल जाता है, इसलिए रक्तदान को महादान कहा गया है।”
खान प्रबंधक बोले — रक्तदान घर को उजड़ने से बचाता है
खान प्रबंधक मनोज कुमार ने कहा कि “रक्तदान ऐसा कार्य है जो न केवल दूसरों की जिंदगी बचाता है, बल्कि किसी परिवार के उजड़ने से पहले नई उम्मीद भी देता है।” मनोज कुमार और उनकी पत्नी ने भी रक्तदान कर उदाहरण पेश किया।
सीनियर सिटिजनों और महिलाओं ने दिखाई मिसाल
इस शिविर में 60 वर्ष से अधिक आयु के सीनियर सिटिजनों ने भी रक्तदान किया। आयोजन समिति की ओर से विद्या शर्मा सहित दो अन्य वरिष्ठ दाताओं को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
वहीं दो महिलाओं — माया देवी (पति मनोज कुमार) और सुधा सिंह (पति एस.के. सिंह) — ने भी रक्तदान किया और अन्य महिलाओं को इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित किया।
सीआईएसएफ जवानों की भी भागीदारी
रक्तदान शिविर में यूसीआईएल की सुरक्षा में तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के महिला व पुरुष जवानों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रमुख रक्तदाताओं में विनय कुमार, ब्रजेश कुमार, अरविंद कुमार गोंड, वीरेंद्र कुमार, आर.के. यादव, मुकेश कुमार, कुमारी लक्ष्मी, जयप्रकाश सिंह, दीपक कुमार, संदीप कुमार सिंह, शशिधर आदि शामिल रहे।

