जादूगोड़ा: जामताड़ा की तरह कब होगी साइबर अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई, पुलिस के लिए चुनौती बना सजा दिलाना
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा : जामताड़ा साइबर थाना कांड संख्या 21/19 में तीन साइबर अपराधियों – मनोज मंडल, करण मंडल एवं राजेंद्र मंडल – को प्रथम जिला जज संतोष कुमार की अदालत ने दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर तीन माह की अतिरिक्त कारावास भुगतनी होगी। यह फैसला इस बात का प्रमाण है कि जामताड़ा पुलिस साइबर अपराधियों को सजा दिलाने में सक्रिय है।

इसी तरह की घटनाएं जादूगोड़ा थाना क्षेत्र में भी लगातार हो रही हैं। यहां कई लोग साइबर ठगी के शिकार हो चुके हैं। पुलिस ने कई युवाओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा है, जिनमें कपिल कुमार भगत, गिरधारी भगत, राहुल भगत सहित कई नाम शामिल हैं। पुलिस के राडार पर जीसू सिंह, सागर कर्मकार, राज भगत जैसे युवाओं पर कड़ी नजर रखी जा रही है। मास्टरमाइंड के रूप में महावीर भगत और मलय भगत के नाम प्रमुखता से सामने आते रहे हैं।

हालांकि अब तक जादूगोड़ा क्षेत्र में पकड़े गए साइबर अपराधियों को सजा नहीं मिल पाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक इन अपराधियों को अदालत से सजा नहीं मिलेगी, तब तक ऐसे अपराधों पर लगाम लगाना मुश्किल होगा। पुलिस के लिए यह एक बड़ी चुनौती है कि वह जामताड़ा पुलिस की तरह यहां भी साइबर अपराधियों को सजा दिलाए, ताकि अपराध पर रोक लगे।

स्थानीय लोगों और यूसिल कर्मियों का कहना है कि क्षेत्र के कई साइबर अपराधी कम समय में भारी कमाई कर बड़े-बड़े मकान और गाड़ियां खरीद रहे हैं, जबकि आम लोग इनके शिकार बन रहे हैं। लोगों ने मांग की है कि पुलिस और प्रशासन समन्वय बनाकर ठोस कार्रवाई करे और ऐसे अपराधियों को सजा दिलाए, ताकि क्षेत्र में साइबर अपराध का ग्राफ कम हो सके।

