*राष्ट्र संवाद नज़रिया: उपायुक्त महोदय: गर्दन फंसता देख इस्तीफा देने की तैयारी में है एडीएल सोसाइटी के अंतर्गत चलने वाले उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रभात कुमार!*
*ऊषा नायडू के रहते ही कैसे बहाल हुए थे जीव विज्ञान शिक्षक के रूप में प्रभात कुमार*
*तत्कालीन प्रधानाध्यापक सह प्रभात कुमार के पिता आर पी सिंह की क्या रही थी भूमिका में जांच का विषय*
*भ्रष्टाचार से जुड़े कई मुद्दे हेडमास्टर उच्च विद्यालय के बहाली में हस्तक्षेप (मिडिल स्कूल के शिक्षक बहाली में)*
*दाल में काला नहीं पूरी दाल ही काली*
*अगली कड़ी:एडीएल सोसाइटी उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रभात कुमार कौन है कैसे कराई शिक्षक की बहाली*
*एडीएल सोसाइटी स्कूल विवाद: भाग 02*
प्रधानाध्यापक प्रभात कुमार पर गंभीर आरोप, उपायुक्त ने बनाई नई जांच कमेटी,वित्तीय गबन, मनमानी नियुक्ति और भ्रष्टाचार पर विपक्ष हमलावर, रिपोर्ट अभी लंबित
मुख्य संवाददाता राष्ट्र संवाद

जमशेदपुर:एडीएल सोसाइटी और उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रभात कुमार को लेकर उठे विवाद में अब प्रशासन की सक्रियता बढ़ गई है। पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त ने गंभीरता दिखाते हुए पहले बनी जांच समिति की निष्क्रियता के बाद नई जांच समिति गठित की है, जिसमें कार्यपालक दंडाधिकारी सुदीप्तो राज , डी ओ मनोज कुमार, और जिला शिक्षा पदाधिकारी अशोक कुमार पांडे शामिल हैं।

हालांकि अब तक जांच समिति की ओर से कोई रिपोर्ट उपायुक्त को नहीं सौंपी गई है, जिससे पूरे मामले पर प्रशासन की निगरानी बनी हुई है।
प्रभात कुमार पर वित्तीय गबन, मनमानी नियुक्ति के आरोप!
प्रधानाध्यापक प्रभात कुमार पर सरकारी राशि के गबन, मुख्यमंत्री स्वच्छता पुरस्कार फंड में अनियमितता, और अपनों को नियमविरुद्ध नियुक्त करने जैसे कई गंभीर आरोप लगे हैं।
सूत्रों के अनुसार, स्कूल में भ्रष्टाचार की परतें तब खुलीं जब प्रधानाध्यापक प्रभात कुमार के एक निकटवर्ती की नियुक्ति को लेकर शिकायतें तेज हुईं। राष्ट्र संवाद ने पहले चरण में कुछ खुलासे किए थे, जिन्हें पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन के कारण राजकीय शोक के चलते कुछ समय के लिए स्थगित किया गया था।

*उपायुक्त की सीधी नजर, विपक्ष मैदान में*
सूत्रों की मानें तो उपायुक्त अब पूरे मामले पर सख्त निगरानी बनाए हुए हैं। दूसरी ओर विपक्ष ने आरोप लगाया है कि शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी इस पूरे मामले पर पर्दा डालने की कोशिश में लगे हैं ताकि प्रधानाध्यापक प्रभात कुमार को बचाया जा सके।
विपक्ष का कहना है कि अगर निष्पक्ष जांच हुई, तो प्रधानाध्यापक के साथ-साथ स्कूल के अध्यक्ष वाई ईश्वर राव, एमबीआर मूर्ति (चेयरमेन), और सत्यनारायण की भूमिका भी संदेह के घेरे में आएगी।
जांच में खुल सकते हैं कई परतें

यह उम्मीद की जा रही है कि जब नई जांच समिति सक्रियता से कार्य शुरू करेगी, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। विपक्ष ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस बार जांच समिति के समक्ष दस्तावेज़ों और तथ्यों के साथ उपस्थित होगा।
राष्ट्र संवाद की विशेष श्रृंखला “एडीएल सोसाइटी भ्रष्टाचार फाइलें” अब फिर से शुरू होने जा रही है, जिसकी पहली किस्त प्रधानाध्यापक प्रभात कुमार से जुड़ी अनियमितताओं का खुलासा करेगी।

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