शिक्षा विभाग को गुमराह कर रहे हैं कार्तिक साव, मानवाधिकार और डीसी से होंगी शिकायत
संदर्भ …. बगैर बीएड डिग्री के उच्च विद्यालयों में शिक्षकों की बहाली का मामला
राष्ट्र संवाद संवाददाता
बहरागोड़ा :उच्च विद्यालय शिक्षक बहाली में अभ्यर्थी रह चुके कार्तिक साउ द्वारा किए गए शिकायत के आधार पर आरडीडीई को जांच की जिम्मेवारी दिए जाने के बाद 2015-17 सत्र में बीएड करने वाले वैसे शिक्षकों ने शिकायत करने वाले कार्तिक साव पर

विभाग को गुमराह करने का आरोप लगाया है l बगैर बीएड डिग्री के हाई स्कूल में शिक्षकों की बहाली को अवैध करार देते हुए श्री साव द्वारा शिकायत की गई थी l संबंधित शिक्षकों का कहना है कि कार्तिक द्वारा अधूरी बातें बताई जा रही है l यह एक प्रकार से शिक्षा विभाग को गुमराह करने का प्रयास है l 2015-17 में प्रशिक्षित अभ्यर्थियों की शिक्षक के रूप में बहाली जायज है l अभी आवेदन के लिए शैक्षणिक योग्यता स्नातक रखा गया था l इसमें कहा गया था कि अभ्यर्थी b.Ed की डिग्री प्राप्त कर लिए हो अथवा अंतिम वर्ष की परीक्षा में शामिल हो चुके हो l

शिक्षक बहाली के परिणाम प्रकाशित होने के समय उनके पास b.Ed का डिग्री होना चाहिएl यह भी कहा गया था की b.Ed की परीक्षा दे चुके अथवा परीक्षा मेंशामिल हुए हैं उन्हें भी योग्य माना जाएगा l नियुक्ति के समय b.Ed की डिग्री उपस्थापित करना होगा l उक्त मामला विधानसभा में उठा था l तारांकित प्रश्न के जवाब में अवर सचिव ने कहा था कि 2015-17 सत्र के सभी विश्वविद्यालय के b.Ed डिग्री धारक को योग्य माना जाएगा l अवर सचिव ने उठना से संबंधित लिखित आदेश 04/02/ 2019 को जारी किया था l

हमारी बहाली में पूरी प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से अपनी गई है l कार्तिक साहू के इस प्रयास की हम निंदा करते हैं l उन्होंने शिक्षा विभाग को भी गुमराह किया है इसलिए इसकी शिकायत मानवाधिकार आयोग और उपयुक्त पूर्वी सिंहभूम से करेंगे l कार्तिक साहू की शिकायत जायज है अथवा वह विभाग को गुमराह कर रहे हैं यह RDDE की जांच में स्पष्ट हो जाएगी l वैसे शिक्षकों द्वारा अवर सचिव के पत्र की प्रति उपलब्ध कराई गई है l

