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    Home » जामताड़ा के चीरूनबांध में मुहर्रम खेल बना हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल
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    जामताड़ा के चीरूनबांध में मुहर्रम खेल बना हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल

    Nizam KhanBy Nizam KhanJuly 6, 2025No Comments2 Mins Read
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    जामताड़ा के चीरूनबांध में मुहर्रम खेल बना हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल

    राष्ट्र संवाद सं

    झारखंड के जामताड़ा जिला स्थित चीरूनबांध गांव में इस बार मुहर्रम के अवसर पर खान क्लब हुसैनी अखाड़ा द्वारा आयोजित खेल ने सामाजिक समरसता और सांप्रदायिक सौहार्द का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। यह आयोजन न केवल परंपराओं का पालन था, बल्कि एक ऐसा दृश्य भी बना जिसने गांव में हिन्दू-मुस्लिम एकता की जड़ें और मजबूत कर दीं।

    मुहर्रम के इस विशेष अवसर पर हुसैनी अखाड़ा ने पारंपरिक खेलों का आयोजन किया जिसमें दोनों समुदायों के युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। तलवारबाज़ी, लाठी युद्ध, और अन्य पारंपरिक करतबों के बीच दर्शकों ने तालियों से खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। सबसे विशेष बात यह रही कि खेल में हिन्दू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोग न सिर्फ दर्शक बल्कि आयोजक और प्रतिभागी के रूप में भी साथ नजर आए।

    गांव के बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक सभी ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाया।

    इस आयोजन ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि धर्म भले ही अलग हों, पर दिलों का मेल हर दूरी को पाट सकता है। चीरूनबांध के इस आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि जब लोग आपसी भाईचारे और प्रेम के साथ एक मंच पर आते हैं, तो हर सामाजिक विभाजन खोखला पड़ जाता है।

    मुहर्रम खेल के इस आयोजन ने न सिर्फ परंपरा को जीवित रखा बल्कि जामताड़ा जैसे क्षेत्र में गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरत मिसाल पेश की, जो आने वाली पीढ़ियों को शांति और एकता का मार्ग दिखाएगी।मौके पर सैयद मकसूद, शमीम खान,साहेब खान,सैयद अज़ू,सोनु खान, लारेब खान आदि मौजूद थे।

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