यूसिल से विस्थापित गांव के ग्राम सभा में विस्थापितों की बैठक
राष्ट्र संवाद संवाददाता
पोटका प्रखंड के यूसिल से विस्थापित गांव के ग्राम सभा में विस्थापितों की बैठक हुई। विधायक संजीव सरदार के प्रतिनिधि मंडल में झामुमो पोटका प्रखंड अध्यक्ष सुधीर सोरेन, विद्यासागर दास, हितेश भगत और चक्रधर महतो पहुंचे। ग्राम प्रधान मेघराय सोरेन और संथाली नाटक लेखक ईश्वर सोरेन ने बताया कि 1996 में यूसीआईएल प्रबंधन ने बिना नोटिस दिए गांव में बुलडोजर चलाया था। तब से अब तक 28 साल बीत चुके हैं। लेकिन कंपनी ने अब तक विस्थापितों का पुनर्वास नहीं किया।
कभी धोबुनी ग्राम सभा में, तो कभी सूरदा ग्राम सभा में बसाने की बात हुई। लेकिन कहीं भी विस्थापितों को बसाया नहीं गया। अब आदिवासियों की आस्था का प्रतीक जाहेर थान यूसिल कचरा पानी में डूब गया है। विस्थापितों ने प्रतिनिधि मंडल के सामने अपनी पीड़ा रखी। कहा, हम नरक जैसी जिंदगी जी रहे हैं। गर्मी में डैम से उड़ने वाली धूल हमारे घरों में भर जाती है। अब हमारा धर्मस्थल भी डूब गया है।
आसपास के नदी नाले पूरी तरह से प्रदूषित हो चुके हैं लोगों को पीने का पानी भी स्वच्छ नहीं मिल पा रहा है यूसिल के द्वारा विस्थापित करने के बाद भी किसी प्रकार की मूलभूत सुविधा नहीं दी जा रही है ।
लोग तिल तिल कर मरने को मजबूर है कई लोग तो नौकरी की आस में स्वर्ग सिधार चुके हैं ।
ग्रामीणों का कहना है कि सैकड़ो बार बैठक हो चुकी है कई बार कई विभाग के अधिकारी आए आश्वासन दिए लेकिन यूसिल के साथ मिली भगत कर विस्थापितों को न्याय नहीं दिला पाए हे ।
यूसिल के द्वारा उन्हें गेस्ट हाउस ले जाकर उनकी खातिरदारी की जाती है जिसके बाद अधिकारी अपना व्यवहार चेंज कर देते हैं जिससे विस्थापितों में भारी नाराजगी है।
चाटी कोचा संयुक्त विस्थापित बेरोजगार समिति के पूर्व सचिव भीम चंद्र हांसदा भी पुनर्वास की लड़ाई लड़ते-लड़ते ही अपनी जिंदगी की लड़ाई हार चुके हैं अब वह इस दुनिया में नहीं रहे उन्होंने भी विस्थापितों को न्याय दिलाने के लिए काफी लड़ाई लड़ी।
कई विस्थापितों को अब तक नौकरी नहीं मिली है। लोगों ने विधायक संजीव सरदार से न्याय की मांग की। प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि विधायक कैबिनेट बैठक में व्यस्त हैं, इसलिए नहीं आ सके। लेकिन उन्होंने संदेश भेजा है कि इस संकट की घड़ी में वे विस्थापितों के साथ हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा भी साथ खड़ा है। अब कंपनी की मनमानी नहीं चलेगी। हर अन्याय का जवाब झामुमो देगा। विस्थापितों को डरने की जरूरत नहीं है।
बैठक में ग्राम प्रधान मेघराय सोरेन, नायके बाबा जगदीश सोरेन, मुखिया सिराम सोरेन, लेखक ईश्वर सोरेन, नुना राम सोरेन, मुचि राम सोरेन, जगदीश मारर्डी, लखन हांसदा, राचू बानरा, धानाई हांसदा, सालमा सोरेन, लक्ष्मी सोरेन, जोबा सोरेन, सोमबारी कुई, सारिता बानरा समेत बड़

