ईद-उल-अजहा पर कुंडहित बीडीओ मोहम्मद जमाले राजा की नमाज अदायगी बनी प्रेरणा का स्रोत, प्रखंडवासियों में गूंजा सौहार्द और एकता का संदेश
युवाओं को बीडीओ ने दिया संदेश कहा हम सब हिंदू मुस्लिम सिख इसाई है भाई-भाई,भाईचारे को रखना है बरकरार
निजाम खान। राष्ट्र संवाद
जामताड़ा: ईद-उल-अजहा, जिसे बकरीद के नाम से भी जाना जाता है, त्याग और भाईचारे का पर्व है। इस पावन मौके पर कुंडहित प्रखंड के बीडीओ मोहम्मद जमाले राजा ने न केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाई, बल्कि एक मिसाल कायम करते हुए विक्रमपुर ईदगाह में स्थानीय लोगों के साथ नमाज अदा की। उनके इस भावपूर्ण और जनसंपर्क से जुड़े भावना ने न केवल मुस्लिम समुदाय को गर्वित किया, बल्कि समस्त प्रखंडवासियों को यह संदेश दिया कि एक अधिकारी भी जब समाज से जुड़े तो प्रशासन और जनता के बीच की दूरी स्वतः ही मिट जाती है।ईद की नमाज के बाद मोहम्मद जमाले राजा ने लोगों से मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और शांति, सौहार्द और भाईचारे की अपील की। उनके सहज, सरल और मिलनसार स्वभाव ने वहां मौजूद हर व्यक्ति के दिल में एक गहरी छाप छोड़ी। स्थानीय लोग बताते हैं कि बीडीओ साहब का व्यवहार हमेशा से सहयोगात्मक और संवेदनशील रहा है। चाहे वह किसी योजना का निरीक्षण हो या जरूरतमंदों को सहायता पहुंचाना, वे हमेशा आगे रहते हैं।इस मौके पर उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को संदेश दिया कि वे अपने समाज और देश के प्रति जिम्मेदार बने और शिक्षा, स्वच्छता, पर्यावरण सुरक्षा जैसे मुद्दों में भागीदार बनें। उनकी यह पहल न केवल एक प्रशासनिक अधिकारी की जिम्मेदारी को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि वह समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।बीते कुछ महीनों में बीडीओ जमाले राजा के नेतृत्व में कुंडहित प्रखंड में कई विकासात्मक कार्य हुए हैं – सड़क मरम्मत, जल आपूर्ति योजनाओं का क्रियान्वयन, ग्रामीण युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण शिविर, और पंचायत स्तर पर लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान। विक्रमपुर और आसपास के गांवों में उनकी उपस्थिति एक उम्मीद की किरण बन चुकी है।विक्रमपुर ईदगाह में नमाज के दौरान उनका आमजन के बीच बैठना, बिना किसी विशेष व्यवस्था के सामान्य नागरिक की तरह नमाज अदा करना, यह दर्शाता है कि वे दिखावे से दूर रहकर सच्चे अर्थों में जनता से जुड़ने वाले अधिकारी हैं। लोगों का कहना है कि ऐसे अफसर जब किसी पद पर होते हैं, तो प्रशासन भी मानवीय बनता है।कुल मिलाकर, बीडीओ मोहम्मद जमाले राजा का यह कदम सिर्फ एक धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि एक सामाजिक और मानवीय संदेश भी था – कि हम सब एक हैं, और हमारे बीच की विविधता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। कुंडहित प्रखंडवासियों को उन पर गर्व है और उम्मीद है कि ऐसे अधिकारी समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में प्रेरणा बनते रहेंगे।बीडीओ मोहम्मद जमाले राजा ने सभी युवाओं को संदेश दिया कि हम सब हिंदू मुस्लिम सिख इसाई भाई-भाई है ,आपस में भाईचारा बरकरार रखना है और वही कुंडहित प्रखंड वासियों से लेकर जामताड़ा जिले वासियों को ईद पर्व की शुभकामनाएं अर्पित किया ।मौके पर राजा जामा मस्जिद के पेश ईमाम हाफीज़ व क़ारी अहमद अली रिजवी,झामुमो प्रखंड अध्यक्ष सह समाजसेवी कुतुबुद्दीन खान,प्रखंड के उप प्रमुख नसीबुल खान, समाजसेवी अब्दुल हलीम खान, अतावर खान ,अजाउद्दीन खान सहित काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।

