Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » आज नारायण प्राइवेट आईटीआई लूपुंगडीह चांडिल मैं भारत के पूर्व प्रधान मंत्री स्वर्गीय मनमोहा सिंह जी को भाविनी श्रद्धांजलि अर्पित की इसमें उपस्थित संस्थान के संस्थापक डॉक्टर जटाशंकर पांडे कहा कि
    Breaking News जमशेदपुर झारखंड

    आज नारायण प्राइवेट आईटीआई लूपुंगडीह चांडिल मैं भारत के पूर्व प्रधान मंत्री स्वर्गीय मनमोहा सिंह जी को भाविनी श्रद्धांजलि अर्पित की इसमें उपस्थित संस्थान के संस्थापक डॉक्टर जटाशंकर पांडे कहा कि

    Nizam KhanBy Nizam KhanDecember 28, 2024No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    आज नारायण प्राइवेट आईटीआई लूपुंगडीह चांडिल मैं भारत के पूर्व प्रधान मंत्री स्वर्गीय मनमोहा सिंह जी को भाविनी श्रद्धांजलि अर्पित की इसमें उपस्थित संस्थान के संस्थापक डॉक्टर जटाशंकर पांडे कहा कि मनमोहन सिंह का जन्म ब्रिटिश भारत के पंजाब में 26 सितम्बर,1932 को हुआ था। मनमोहन सिंह का 26 दिसम्बर 2024 को 92 साल की उम्र में दिल्ली में निधन हुआ ।[2] उनकी माता का नाम अमृत कौर और पिता का नाम गुरुमुख सिंह था। देश के विभाजन के बाद सिंह का परिवार भारत चला आया। यहाँ पंजाब विश्वविद्यालय से उन्होंने स्नातक तथा स्नातकोत्तर स्तर की पढ़ाई पूरी की। बाद में वे कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय गये। जहाँ से उन्होंने पीएच. डी. की। तत्पश्चात् उन्होंने आक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से डी. फिल. भी किया। उनकी पुस्तक इंडियाज़ एक्सपोर्ट ट्रेंड्स एंड प्रोस्पेक्ट्स फॉर सेल्फ सस्टेंड ग्रोथ भारत की अन्तर्मुखी व्यापार नीति की पहली और सटीक आलोचना मानी जाती है। डॉ॰ सिंह ने अर्थशास्त्र के अध्यापक के तौर पर काफी ख्याति अर्जित की। वे पंजाब विश्वविद्यालय और बाद में प्रतिष्ठित दिल्ली स्कूल ऑफ इकनामिक्स में प्राध्यापक रहे। इसी बीच वे संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन सचिवालय में सलाहकार भी रहे और १९८७ तथा १९९० में जेनेवा में साउथ कमीशन में सचिव भी रहे। १९७१ में डॉ॰ सिंह भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मन्त्रालय में आर्थिक सलाहकार के तौर पर नियुक्त किये गये। इसके तुरन्त बाद १९७२ में उन्हें वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार बनाया गया। इसके बाद के वर्षों में वे योजना आयोग के उपाध्यक्ष, रिजर्व बैंक के गवर्नर, प्रधानमन्त्री के आर्थिक सलाहकार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष भी रहे हैं। भारत के आर्थिक इतिहास में हाल के वर्षों में सबसे महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब डॉ॰ सिंह १९९१ से १९९६ तक भारत के वित्त मन्त्री रहे। उन्हें भारत के आर्थिक सुधारों का प्रणेता माना गया है। आम जनमानस में ये साल निश्चित रूप से डॉ॰ सिंह के व्यक्तित्व के इर्द-गिर्द घूमता रहा गई l इसमें उपस्थित, स्थान के प्राचार्य जयदेव पांडे , सिडिस्ट कुमार,शांती राम महतो, पवन कुमार महतो, प्रकाश महतो,कृष्ण चंद्र महतो , अजय कुमार मंडल ,गौरव महतो ,आदि उपस्थित थे

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleबर्मामाइंस से संकटा सिंह पेट्रोल पंप तक सड़क बंद, पुलिया की मरम्मत के कारण रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक ट्रैफिक प्रतिबंध
    Next Article मुसाबनी में कांग्रेसियों ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह को दी श्रद्धांजलि

    Related Posts

    ट्विटर पर विधायक उज्जवल दास ने लिया संज्ञान, चतरा डीसी को जांच व कार्रवाई का निर्देश

    May 31, 2026

    यूसीआईएल की रोटेशन नीति पर उठे सवाल, संवेदनशील पदों पर वर्षों से जमे अधिकारियों को लेकर चर्चा तेज

    May 30, 2026

    पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात

    May 30, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    ट्विटर पर विधायक उज्जवल दास ने लिया संज्ञान, चतरा डीसी को जांच व कार्रवाई का निर्देश

    नारी –एक अनुपम शक्ति

    खुशियां अधूरी: सब कुछ होकर भी क्यों खाली हाथ?

    हिंदी पत्रकारिता: चुनौतियों का यथार्थ और आँकड़ों का संग्राम

    छात्रों को चाहिए भरोसा, नहीं भाषण: शिक्षा व्यवस्था पर सवाल

    यूसीआईएल की रोटेशन नीति पर उठे सवाल, संवेदनशील पदों पर वर्षों से जमे अधिकारियों को लेकर चर्चा तेज

    पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात

    जुगसलाई अग्निकांड ने खोली प्रशासनिक लापरवाही की पोल

    धर्मांतरण के खिलाफ फिर मुखर हुए चंपाई सोरेन, उठाई संवैधानिक बदलाव की मांग

    मुख्यमंत्री से मिलीं विधायक सविता महतो, चार पुलों के निर्माण की उठाई मांग

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.