जुगसलाई अग्निकांड ने खोली प्रशासनिक लापरवाही की पोल
राष्ट्र संवाद संवादाता
अमन शांडिल्य
जमशेदपुर। जुगसलाई के डिकोस्टा रोड स्थित एक मिठाई कारखाने में लगी भीषण आग ने प्रशासनिक व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा मानकों और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घनी आबादी वाले रिहायशी क्षेत्र में संचालित इस कारखाने में आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
बताया जा रहा है कि इसी कारखाने में वर्ष 2021 में भी आग लग चुकी थी, इसके बावजूद सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर कारखाना संचालित होता रहा। रिपोर्ट के अनुसार कारखाने में डीजल से चलने वाले बड़े चूल्हे और क्रूड ऑयल का विशाल भंडारण मौजूद था, जिससे विस्फोट होने की स्थिति में भारी जनहानि हो सकती थी।
स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि घनी आबादी के बीच इतने बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान को संचालन की अनुमति कैसे मिली। साथ ही नगर परिषद, फायर सेफ्टी विभाग, फैक्ट्री इंस्पेक्टर और लेबर विभाग की भूमिका पर भी प्रश्नचिह्न लगाए गए हैं।
घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों और कारखाना संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में इससे भी बड़ा हादसा हो सकता है।

