Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » बोकारो : करम डाली की पूजा अर्चना कर हर्षोल्लास के साथ करमा पर्व सम्पन्न हुआ
    Breaking News जमशेदपुर झारखंड धर्म

    बोकारो : करम डाली की पूजा अर्चना कर हर्षोल्लास के साथ करमा पर्व सम्पन्न हुआ

    Devanand SinghBy Devanand SinghSeptember 27, 2023No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

     

     

    बोकारो : – झारखंड में मंगलवार को करम डाली की पूजा अर्चना कर हर्षोल्लास के साथ करमा पर्व सम्पन्न हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों में करम डाली की पूजा अर्चना कर करमा पर्व में महिलाओं व युवतियों द्वारा करम पेड़ के डाली का विषर्जन किया गया। इस प्रकृति पर्व में बहने अपने भाइयों के लंबी उम्र की कामना कर झूमर गाती है। डुमरी विधानसभा की नवनिर्वाचित मंत्री बेबी देवी भी पर्व के दौरान महिलाओं के साथ झूमर नाचती गाती दिखाई दी। वही मंत्री पुत्र अखिलेश महतो भी इस दौरान इनके साथ झूमर में कदम ताल मिलाया। बता दें की मंत्री बेबी देवी झारखंड के कद्दावर नेता सह मंत्री स्वर्गीय जगन्नाथ महतो की पत्नी है। जिसे हेमंत सोरेन सरकार में चुनाव जीतने के पहले ही उत्पाद मंत्री बनाया गया था। मंत्री बेबी देवी को आज ही झारखंड विधानसभा की सदस्यता का शपथ ग्रहण कराया गया है।

     

     

    सात दिनों से चल रहे इस पर्व के विसर्जन पर पूजा अर्चना की और बड़ो से आशीर्वाद लिया। इस दौरान करमा गीत से पूरा वातावरण में गूंजयमान हो उठा। कहा जाता है कि करमा पूजा भाई- बहन की अटूट प्रेम का प्रतीक है। करमा पर्व झारखंड वासियों की पहचान है। इस पूजा को प्रकृति पर्व के रूप से भी जाना जाता है।

     

     

     

    ऐसी मान्यता है कि बहनों द्वारा इस पर्व के करने से भाइयों के घर में सुख-समृद्धि आती है। ऐसी ही मान्यता के बाद से इस पर्व को मनाने की परंपरा शुरू हुई थी जो आज तक चला आ रहा है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous ArticleBihar: गया में रालोजपा नेता अनवर की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या, नेशनल हाईवे जाम
    Next Article JHARKHAND : धनबाद गर्म ओबी डंप की चपेट में आने से आधे दर्जन लोग झुलसें

    Related Posts

    धर्मक्षेत्र की पुनर्खोज: इतिहास, पुरातत्व और सत्य की तलाश

    August 3, 2026

    जेपीएससी-जेएसएससी अनियमितताओं के विरोध में एबीवीपी का हस्ताक्षर अभियान, सीबीआई जांच की मांग

    August 2, 2026

    श्रावणी मेला में आस्था के साथ तकनीक का संगम।

    August 2, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    धर्मक्षेत्र की पुनर्खोज: इतिहास, पुरातत्व और सत्य की तलाश

    जेपीएससी-जेएसएससी अनियमितताओं के विरोध में एबीवीपी का हस्ताक्षर अभियान, सीबीआई जांच की मांग

    श्रावणी मेला में आस्था के साथ तकनीक का संगम।

    पहली सोमवारी पर बासुकीनाथ में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश

    श्रावणी मेला: हंसडीहा में प्रशासनिक शिविर व मयूराक्षी कला मंच का उद्घाटन

    प्रवीण सिंह स्मृति सेवा संस्था के मेगा रक्तदान शिविर में जुटीं कई प्रमुख हस्तियां

    युवा आजसू सम्मेलन की तैयारियां तेज, जंबो समिति का गठन

    आसंगी चेक डैम में एनआईटी छात्र लापता, सुरक्षा व्यवस्था पर फूटा छात्रों का गुस्सा

    जमशेदपुर में युवक को मारी गई गोली, गंभीर हालत में TMH में भर्ती, पुलिस जांच में जुटी

    जमशेदपुर में पारिवारिक विवाद बना खूनी संघर्ष, टाटा स्टील कर्मचारी पर चापड़ से हमला, हालत गंभीर

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.