PM ने सुकमा के संजय ने पूछा सवाल, मोदी ने कहा- किसान को परेशान करना कांग्रेस की नीति
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित कार्यक्रम मेरा बूथ सबसे मजबूत में सुकमा निवासी संजय सोढ़ी ने किसानों से जुड़ी योजनाओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सवाल पूछे. सुकमा निवासी संजय सोढ़ी ने भाजपा व कांग्रेस सरकार की योजनाओं में क्या अंतर है इसको लेकर सवाल किए. जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों से जुड़े सवाल पूछने पर संजय की तारीफ की. साथ ही पिछली सरकारों पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि आज भाजपा की सरकार में किसानों को सम्मान निधि के माध्यम से लाभ पहुंचाया जा रहा है.
जिला मुख्यालय के शक्ति केन्द्र 1 के प्रभारी व भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष संजय सोढ़ी ने भोपाल में आयोजित मेरा बूथ सबसे मजबूत कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सवाल पूछे. संजय सोढ़ी ने अपना परिचय जय जोहार, सेवा जोहार से शुरूआत की और किसानों के विषय में सवाल पूछे. संजय सोढ़ी ने पूछा कि भाजपा व कांग्रेस की सरकार में किसानों के हितों में चल रही योजनाओं में क्या अंतर हैं. जिस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जवाब दिया कि कांग्रेस की सरकार के दौरान सूखा पड़ता था तो किसान परेशान होते थे. बाढ़ आती थी तो किसानों की सुध लेने वाला कोई नहीं था. किसानों की मदद के नाम पर बिचौलिए पैसा खा जाते थे.कांग्रेस की एक नीति रही पहले किसान को परेशान होने दो फिर कर्जमाफी के नाम पर वोट की राजनीति. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार में कुछ हजार करोड़ कर्ज माफी की घोषणा की लेकिन ये लाभ असली किसानों को कभी नहीं मिला. कर्जमाफी के नाम पर कांग्रेस सिर्फ राजनीति करती रही है. अब ऐसा नहीं हो रहा है भाजपा सरकार में पीएम सम्मान निधि का लाभ किसानों को दे रही है. किसानों के खाते में सीधे सम्मान निधि का पैसा जा रहा है. छोटे किसानों को इसका फायदा मिल रहा है. किसानों के खाते में सवा दो लाख करोड़ जमा हो चुके हैं.
आम जनता तक पहुंचाएंगे योजनाओं की जानकारी – सोढ़ी
भाजपा नेता संजय सोढ़ी ने कहा कि सुकमा जैसे इलाके से एक छोटे से कार्यकर्ता अगर प्रधानमंत्री से बात कर रहा है ये मेरे लिए गर्व की बात है. और भाजपा में ही संभव है कि एक कार्यकर्ता प्रधानमंत्री से बात करे. मेने किसानों की समस्याओं और उनसे जुड़े योजनाओं के बारे में सवाल किया था. जिसको प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गंभीरता से सुना और जवाब भी दिया. उनकी बातों को किसानों व आम जनता के बीच में लेकर जाएंगे. ताकि केन्द्र की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बसे किसानों को मिले और जागरूकता आये.

