नीट विवाद: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, विपक्ष ने कहा- युवाओं और लोकतंत्र की जीत
राष्ट्र संवाद संवाददाता
नई दिल्ली: नीट-यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर देशभर में जारी छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेज दिया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि पिछले 10 दिनों की घटनाओं से उनका मन बेहद दुखी है और उन्होंने पहले दिन से ही इस मामले की जिम्मेदारी ली थी।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार ने नीट परीक्षा में अनियमितताओं के सामने आते ही सीबीआई जांच कराई, परीक्षा रद्द कर पुनः आयोजित की और अगले वर्ष से परीक्षा को कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में कराने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी भी मेधावी छात्र के भविष्य को प्रभावित नहीं होने देना था, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों और देशभर में बने माहौल को देखते हुए उन्होंने त्यागपत्र देने का निर्णय लिया ताकि छात्रों का भविष्य विवादों में न फंसे और राष्ट्रविरोधी ताकतें स्थिति का लाभ न उठा सकें।
इस्तीफे के बाद विपक्ष ने इसे छात्र आंदोलन की बड़ी जीत बताया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि यह करोड़ों युवाओं, सत्य और साझा विपक्ष की जीत तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “हठ” की हार है। उन्होंने कहा कि अब प्रधानमंत्री को देश के युवाओं से माफी मांगनी चाहिए और आंदोलन के दौरान छात्रों पर बल प्रयोग कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि यह सरकार के लिए संदेश है कि देश तानाशाही से नहीं चल सकता। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे नई पीढ़ी की बड़ी जीत बताया, जबकि सोनम बाजवा ने कहा कि यह लोकतंत्र की जीत है।

