राष्ट्र संवाद संवाददाता
कुकड़ू प्रखंड के तिरुलडीह थाना क्षेत्र स्थित सपारूम वन इलाके में मंगलवार रात एक 30 वर्षीय नर हाथी की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और मृत हाथी की पूजा-अर्चना करने लगे।
घटना की जानकारी मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। डीएफओ सबा आलम, रेंजर बी. कुमार, वनपाल मुकेश महतो और राधा रमण की मौजूदगी में पशु चिकित्सक डॉ. हरे लाल महतो ने सहयोगियों के साथ हाथी का पोस्टमार्टम किया। अधिकारियों ने बताया कि हाथी की मौत करंट लगने से हुई प्रतीत होती है, हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि फॉरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगी।
बताया जाता है कि मृत हाथी स्वस्थ और विकसित हो रहा गजराज था, जो भविष्य में बड़ा टस्कर बन सकता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे हाथी-मानव संघर्ष के चलते कुछ असामाजिक तत्व हाथियों की आवाजाही रोकना चाहते थे। ऐसे में करंट लगने की घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पूरे प्रकरण में वन पदाधिकारियों की लापरवाही भी कम जिम्मेदार प्रतीत नहीं होती।,
वन विभाग ने हाथी के आंतरिक अंगों के नमूने सुरक्षित कर रांची स्थित फॉरेंसिक लैब भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा होगा।
पोस्टमार्टम के बाद जेसीबी की मदद से गड्ढा खोदकर हाथी को दफनाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। लोगों ने ‘गणपति बप्पा’ के जयकारों के साथ गजराज को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

