Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » 290 करोड़ के कथित बैंक लोन फ्रॉड में इडी की बड़ी कार्रवाई, कोहिनूर पावर से जुड़े 11 ठिकानों पर छापेमारी
    Breaking News Business Headlines अपराध कारोबार झारखंड पश्चिम बंगाल राष्ट्रीय

    290 करोड़ के कथित बैंक लोन फ्रॉड में इडी की बड़ी कार्रवाई, कोहिनूर पावर से जुड़े 11 ठिकानों पर छापेमारी

    Devanand SinghBy Devanand SinghSeptember 4, 2026No Comments4 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    290
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    लेखक: मृत्युंजय बर्मन

    प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को कोलकाता में कोहिनूर पावर प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े 11 परिसरों पर बड़ी छापेमारी की है। यह कार्रवाई 290 करोड़ रुपये के कथित बैंक लोन फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में की गई है। जांच एजेंसी को संदेह है कि ऋण की रकम को निर्धारित परियोजना में लगाने के बजाय अन्य ग्रुप कंपनियों और निजी उद्देश्यों के लिए डायवर्ट किया गया।

    चांडिल में प्रस्तावित 66 मेगावाट पावर प्लांट के लिए लिए गए ऋण के कथित डायवर्जन की जांच

    करीब 290 करोड़ रुपये के कथित बैंक लोन फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को कोलकाता में कोहिनूर पावर प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े 11 परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई में कंपनी के प्रमोटर प्रशांत बोथरा और विजय बोथरा के अलावा अन्य निदेशकों, ऑडिटर्स तथा उनसे जुड़े कार्यालयों को भी शामिल किया गया। यह कार्रवाई धनशोधन निवारण अधिनियम के तहत चल रही जांच का हिस्सा बताई गई है।

    इडी अधिकारियों के अनुसार, कोहिनूर पावर ने झारखंड में 66 मेगावाट क्षमता का पावर प्लांट स्थापित करने के लिए बैंकों से ऋण लिया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि ऋण से प्राप्त रकम का निर्धारित परियोजना में इस्तेमाल करने के बजाय अन्य ग्रुप कंपनियों और कथित निजी उद्देश्यों की ओर डायवर्ट किया गया। एजेंसी अब इसी कथित फंड डायवर्जन और रकम की मनी ट्रेल की पड़ताल कर रही है।

    जांच से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक कंपनी बाद में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल की प्रक्रिया में गई। परिसमापन के दौरान करीब सात करोड़ रुपये ही बरामद/रिकवर किए जा सके, जबकि ऋणदाताओं को कथित तौर पर भारी नुकसान हुआ। इडी की मौजूदा कार्रवाई का उद्देश्य मामले से जुड़े अतिरिक्त साक्ष्य जुटाने और बैंक से निकली रकम के अंतिम इस्तेमाल का पता लगाना बताया गया है।

    उपलब्ध आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार गुरुवार की तलाशी कोलकाता के 11 परिसरों में हुई है। चांडिल का संबंध उस पावर प्लांट परियोजना से है, जिसके लिए कथित तौर पर बैंक ऋण लिया गया था। इडी की जांच अभी जारी है। तलाशी के दौरान सामने आने वाले दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल एजेंसी के आरोप जांच के दायरे में हैं और संबंधित पक्षों का अंतिम दोष अदालत में तय होना है।

    290 करोड़ के कथित बैंक लोन फ्रॉड की विस्तृत जांच

    प्रवर्तन निदेशालय की यह कार्रवाई बैंकिंग क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हो रहे कथित घोटालों को उजागर करती है। कोहिनूर पावर प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर्स प्रशांत बोथरा और विजय बोथरा पर आरोप है कि उन्होंने झारखंड के चांडिल में 66 मेगावाट के पावर प्लांट के नाम पर बैंकों से मोटा कर्ज लिया, लेकिन उस राशि का उपयोग परियोजना में न करके अन्य जगहों पर डायवर्ट कर दिया। प्रवर्तन निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एजेंसी मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत संपत्ति जब्ती की कार्रवाई भी कर सकती है।

    इस मामले में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की प्रक्रिया के दौरान महज सात करोड़ रुपये की रिकवरी होना बैंकों के लिए बड़ा झटका है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में फंड डायवर्जन की मनी ट्रेल को स्थापित करना सबसे चुनौतीपूर्ण होता है। ईडी की मौजूदा छापेमारी का उद्देश्य उन्हीं दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों को हासिल करना है जो फंड के अंतिम उपयोग को साबित कर सकें।

    झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में स्थित चांडिल का यह पावर प्लांट परियोजना लंबे समय से विवादों में रही है। स्थानीय प्रशासन और बैंकिंग सूत्रों के अनुसार, परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण और पर्यावरण मंजूरी से जुड़े मुद्दे भी सामने आए थे। हालांकि, ईडी का फोकस पूरी तरह से वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं पर है।

    आने वाले दिनों में जांच एजेंसी इस मामले में गिरफ्तारियां भी कर सकती है। धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने का प्रावधान है। इस कार्रवाई से बैंकिंग सेक्टर में एक कड़ा संदेश गया है कि फंड डायवर्जन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

    bank loan fraud ED raid Jharkhand power plant Kohinoor Power money laundering
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleघर देवकी-वसुदेव के, कृष्ण लिए अवतार।

    Related Posts

    भारत और बेल्जियम संबंधों की नई इबारत: अगले पांच वर्षों में व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य

    September 4, 2026

    शिक्षक दिवस- 5 सितम्बर, 2026

    September 4, 2026

    पुस्तक समीक्षा: ‘समय के साथ’ – आनंद सिंह के लेखों का संग्रह, एक जरूरी किताब

    September 4, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    290 करोड़ के कथित बैंक लोन फ्रॉड में इडी की बड़ी कार्रवाई, कोहिनूर पावर से जुड़े 11 ठिकानों पर छापेमारी

    घर देवकी-वसुदेव के, कृष्ण लिए अवतार।

    भारत और बेल्जियम संबंधों की नई इबारत: अगले पांच वर्षों में व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य

    शिक्षक दिवस- 5 सितम्बर, 2026

    पुस्तक समीक्षा: ‘समय के साथ’ – आनंद सिंह के लेखों का संग्रह, एक जरूरी किताब

    मोबाइल छिनतई कर भाग रहे युवक को लोगों ने दबोचा, पुलिस ने लिया हिरासत में

    मिथिला दलान में रक्तदान का संदेश

    जन्माष्टमी पर नन्हों ने सजाया कृष्णमय रंगमंच

    सूर्य मंदिर समिति के तीन दिवसीय श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के दूसरे दिन सामूहिक नृत्य प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

    टाटा पावर ने एनसीआर के बिजली ढांचे को दी मजबूती, 400 KV जलपुरा-खुरजा ट्रांसमिशन कॉरिडोर शुरू

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.