जादूगोड़ा सीटीसी में 262 मजदूरों की नौकरी गई, 5000 लोग बेरोजगारी की मार झेल रहे ग्रामीणों में आक्रोश
राष्ट्र संवाद, जादूगोड़ा।
जादूगोड़ा के सांसपुर स्थित कांस्टेबल ट्रेनिंग सेंटर (सीटीसी) में 300 से अधिक जवान ट्रेनिंग ले रहे हैं, लेकिन इसी बीच 262 मजदूरों को पिछले आठ महीनों से बेरोजगार कर दिया गया है। आउटसोर्सिंग कंपनी का टेंडर 15 जनवरी को खत्म हो जाने के बाद इन मजदूरों को काम से हटा दिया गया, जिसके कारण लगभग 5000 लोग बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं।

इन मजदूरों में सफाई कर्मी, रसोई कर्मचारी, महिला और पुरुष दोनों शामिल थे। उनके रोजगार पर परिवार की आजीविका निर्भर थी। मजदूरों का कहना है कि सीटीसी के निर्माण के समय आसपास के लोगों को रोजगार देने का प्रशासन ने वादा किया था, लेकिन अब वादा खिलाफी की जा रही है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि बाहरी लोगों को काम पर रखा जा रहा है और स्थानीय लोगों को सामान सप्लाई पर भी रोक लगा दी गई है। इसके कारण न केवल बेरोजगारी बढ़ी है, बल्कि आसपास की आर्थिक स्थिति भी बिगड़ती जा रही है। मुसाबनी से सब्जी सप्लाई करवाई जा रही है और राशन की दुकानें भी बाहरी लोगों को दे दी गई हैं, जिससे स्थानीय लोग और भी परेशान हैं।

आसपास के ग्रामीणों का कहना है कि विकास का वादा किया गया था, लेकिन न सड़कें ठीक हैं, न सफाई की व्यवस्था। सीटीसी का कचरा आसपास ही फेंक दिया जाता है, जिससे गंदगी और दुर्गंध फैल रही है और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

मजदूरों ने बताया कि पूर्व मंत्री स्वर्गीय रामदास सोरेन ने उन्हें रोजगार दिलाने का आश्वासन दिया था, लेकिन उनके निधन के बाद रोजगार की आस पूरी तरह खत्म हो गई है। कई मजदूरों का पीएफ भुगतान अब तक नहीं हुआ है, और गाड़ियों के लोन चुकाना भी मुश्किल हो गया है।

जिला बीस सूत्री समिति के सदस्य टिकिमुखी ने कहा, “262 परिवार बेरोजगार हो चुके हैं, प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करते हुए इन्हें रोजगार देना चाहिए। सीटीसी में जवानों की ट्रेनिंग जारी है, लेकिन आसपास के ग्रामीणों को रोजगार नहीं मिल रहा है। हम इस मामले की शिकायत जल्द ही मुख्यमंत्री से करेंगे।”

ग्रामीणों का कहना है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री तक गुहार लगाई जाएगी। वहीं, सीटीसी के एसपी आशीष विजय कुजूर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी आनी बाकी है।

