Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » शहादत दिवस के अवसर पर बैकुण्ठ शुक्ल पर स्मारिका का विमोचन
    Breaking News Headlines झारखंड

    शहादत दिवस के अवसर पर बैकुण्ठ शुक्ल पर स्मारिका का विमोचन

    Devanand SinghBy Devanand SinghMay 19, 2019No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    ब्रह्मर्षि विकास मंच जमशेदपुर के केबुल एवं नामदा बस्ती इकाई के संयुक्त तत्वावधान में शहीद बैकुण्ठ शुक्ल के शहादत दिवस केबुल वेलफेयर एसोसिएशन हाल , केबुल टाउन मे आयोजित की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सरयू राय, विशिष्ट अतिथि अमरप्रीत सिंह काले, एवं सम्मानित अतिथि के रूप मे झाविमो के महानगर अध्यक्ष बबुआ सिंह, अनिल सिंह, जे. पी. सिंह, अंगद तिवारी, अवधेश्वर ठाकुर, रामप्रकाश पांडेय, सीमा मिश्रा, मौजूद थे। कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों द्वारा बैकुण्ठ शुक्ल, परशुराम जी एवं सहजानंद सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलित एवं पुष्प अर्पित की गई। इसके उपरांत सभी अतिथियों को शाल ओढाकर एवं पुष्प गुच्छ प्रदान कर सम्मानित किया गया। मंच संचालन कमलकांत एवं धन्यवाद ज्ञापन विनोद शुक्ला ने दिया। शहादत दिवस के अवसर पर बैकुण्ठ शुक्ल पर स्मारिका का विमोचन किया गया एवं रक्तदान शिविर आयोजित की गई। रक्तदान मे 103 यूनिट रक्त संग्रह की गई।
    सरयू राय ने कहा कि समाज गतिशील होता है, समय के अनुसार चुनौतियां आती रहती है। आज समाज में विविधताएं बढ गई हैं। वर्तमान में नोलेज बेस्ड समाज बन गई है। विकास की नई परिभाषा गठित हो गई है।जब समाज में असहमति की वृधता होती है तभी समाज आगे बढता है।असहमति पर विचार करना चाहिए उसे नकार नहीं देना चाहिए। जो क्रांतिकारी होते हैं वे अपने विचारों से समाज को प्रेरित करते हैं और नई पीढी को उससे सीख लेने की आवश्यकता है। यदि अंग्रेज भी बैकुण्ठ शुक्ल के विचारों से सीख ली होती तो देश समय से काफी पहले आजाद हो जाता।
    काले जी ने कहा कि समाज का अर्थ कमजोर कडी को दूर कर एक करना है।
    सभी अतिथियों ने अपने संबोधन में शहीद बैकुण्ठ शुक्ल को महान क्रांतिकारी बताया।
    कार्यक्रम को सफल बनाने में झूलन ठाकुर, श्रीनिवास ठाकुर, मनोज ठाकुर, धर्मेंद्र सिंह, डी.एन. चौधरी, उदय कुमार, संजय सिंह, प्रभुनाथ ओझा, टी.एन. ठाकुर, सुरेश ठाकुर की अहम भूमिका रही।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleहेडलाइंस राष्ट्र संवाद
    Next Article एग्जिट पोल्स का दावा, आसानी से बहुमत हासिल कर लेगा एनडीए

    Related Posts

    सांसद विद्युत वरण महतो ने हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की खदानों को पूर्ण क्षमता से चलाने की मांग की

    August 7, 2026

    झारखंड: भूख हड़ताल पर बैठे प्रदर्शनकारी की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

    August 7, 2026

    फाइब की प्रबंधित परिसंपत्तियां 63.31 प्रतिशत बढ़कर 8,603 करोड़ रुपये पर पहुंचीं

    August 7, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    सांसद विद्युत वरण महतो ने हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की खदानों को पूर्ण क्षमता से चलाने की मांग की

    झारखंड: भूख हड़ताल पर बैठे प्रदर्शनकारी की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

    फाइब की प्रबंधित परिसंपत्तियां 63.31 प्रतिशत बढ़कर 8,603 करोड़ रुपये पर पहुंचीं

    गौतमबुद्ध नगर में 24 घंटे में साइबर ठगी के 30 मामले दर्ज, लोगों से दो करोड़ रुपये से अधिक की ठगी

    विश्व कप में 28 साल बाद कोई भारतीय अंपायर नहीं, दिग्गजों ने कहा सुधार की जरूरत

    पर्सनैलिटी राइट्स मामले में तब्बू को बड़ी राहत, दिल्ली हाईकोर्ट ने अपमानजनक और अश्लील कंटेंट हटाने का दिया आदेश

    Gen-Z प्रोटेस्ट पर मोहन भागवत का बड़ा बयान, कहा- उनकी शिकायत जायज, शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत

    राज्यसभा में नीरज डांगी को बड़ी जिम्मेदारी, राजस्थान कांग्रेस की राजनीति में बढ़ा कद संगठन में बदले समीकरण

    सुप्रीम कोर्ट का बड़ा स्पष्टीकरण अदालतों की रिपोर्टिंग पर रोक नहीं, सुनवाई के ऑडियो वीडियो क्लिप के प्रसारण पर प्रतिबंध

    दूसरी शादी के मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, समन जारी करने से पहले सप्तपदी के सबूत जरूरी नहीं

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.