नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये दिल्ली मेट्रो रेल निगम की चालक रहित मेट्रो को हरी झंडी दिखाई. इसके साथ ही दिल्ली मेट्रो दुनिया की उन चुनिंदा सेवाओं में शामिल हो गई है, जहां पर चालक रहित मेट्रो का संचालन होता है.
वहीं देश में पहली बार मजेंटा लाइन पर बॉटेनिकल गार्डन से जनकपुरी पश्चिम के बीच बगैर चालक के मेट्रो रफ्तार भरने लगी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह 11 बजे वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से इसका शुभारंभ किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को देश की पहली बिना ड्राइवर वाली मेट्रो ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के साथ नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड की भी शुरुआत की.
इस दौरान अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सरकार ने मेट्रो पॉलिसी बनाई और उसे चौतरफा रणनीति के साथ लागू भी किया. हमने जोर दिया स्थानीय मांग के हिसाब से काम करने पर, हमने जोर दिया स्थानीय मानकों को बढ़ावा देने पर, हमने जोर दिया मेक इन इंडिया विस्तार पर और हमने जोर दिया आधुनिक टेक्नोलॉजी के उपयोग पर.
उन्होंने कहा कि ये सिर्फ आंकड़े नहीं हैं, ये करोड़ों भारतीयों के जीवन में आ रही ईज ऑफ लिविंग के प्रमाण हैं. ये सिर्फ ईंट पत्थर, कंक्रीट और लोहे से बने इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं हैं, बल्कि देश के नागरिकों, देश के मिडिल क्लास की आकांक्षा पूरा होने के साक्ष्य हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि 2014 में सिर्फ 5 शहरों में मेट्रो रेल थी. आज 18 शहरों में मेट्रो रेल की सेवा है. वर्ष 2025 तक हम इसे 25 से ज्यादा शहरों तक विस्तार देने वाले हैं. साल 2014 में देश में सिर्फ 248 किलोमीटर मेट्रो लाइन्स आपरेशनल थीं. आज ये करीब तीन गुनी यानी सात सौ किलोमीटर से ज्यादा है. वर्ष 2025 तक हम इसका विस्तार 1700 किलोमीटर तक करने का प्रयास कर रहे हैं.
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि आधुनिकीकरण के लिए एक ही तरह के मानक और सुविधाएं उपलब्ध कराना बहुत जरूरी है. राष्ट्रीय स्तर पर कॉमन मोबिलिटी कार्ड इसी दिशा में एक बड़ा कदम है. आप जहां कहीं से भी यात्रा करें, आप जिस भी सार्वजनिक परिवहन से यात्रा करें, ये एक कार्ड आपको इंटीग्रेटेड एक्सेस देगा.

