Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » पंचायत चुनाव जीत कर योगी प्रदेश के किसानों से नये कृषि कानून पर लगवाएंगे ‘मोहर’
    Breaking News Headlines उत्तर प्रदेश

    पंचायत चुनाव जीत कर योगी प्रदेश के किसानों से नये कृषि कानून पर लगवाएंगे ‘मोहर’

    Devanand SinghBy Devanand SinghDecember 16, 2020No Comments4 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    लखनऊ. एक तरफ सियासत में उलझे, लेकिन अपने आप को किसानों का मसीहा बताने वाले कुछ किसान मोदी सरकार द्वारा लाया गया नया कृषि कानून रद्द कराने को लेकर आंदोलनरत् हैं तो दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी को कई राज्यों में हुए पंचायत चुनाव में शानदार जीत हासिल करना काफी कुछ कहता है. पंचायत चुनाव जिन्हें गांव और किसानों का चुनाव कहा जाता है, में शानदार जीत से उत्साहित मोदी सरकार ने नये कषि कानून को वापस लेने की मांग करने वाले आंदोलनकारी किसानों से दो टूक कह दिया है कि नये कृषि कानून की समीक्षा तो की जा सकती है, लेकिन यह वापस नहीं होगा. वहीं योगी सरकार ने एक कदम और आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव कराने का मन बना लिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में 31 मार्च तक ग्राम पंचायत के चुनाव कराने को कहा है. योगी के 31 मार्च तक पंचायत चुनाव कराने के निर्देश के बाद से पंचायती राज विभाग चुनाव तैयारियों को लेकर सक्रिय हो गया है.

    पंचायत चुनाव को लेकर योगी सरकार ने भले अब फैसला लिया हो, लेकिन इसकी सुगबुगाहट तब ही शुरू हो गई थी जब हाल ही में भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल ने वाराणसी दौरे के दौरान पंचायत चुनाव का जिक्र करते हुए कहा था कि जीतने में सक्षम लोग ही पंचायत चुनाव में प्रत्याशी बनेंगे. उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों को ऐसी महिलाओं की भी टीम बनाने को कहा जो पंचायत चुनाव दमदारी से लड़ सकें. बंसल ने कहा कि पंचायत चुनाव में पार्टी के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों के परिवार व पत्नी को प्रत्याशी नहीं बनाया जाएगा. कार्यकर्ता पंचायत चुनाव की तैयारियों में अभी से जुट जाएं.

    गौरतलब हो, प्रदेश में सभी ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 25 दिसंबर को समाप्त होते ही 26 दिसंबर से सभी ग्राम पंचायत भंग हो जाएंगी. इसके साथ ही नई ग्राम पंचायत के गठन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. पंचायत चुनाव कराने के लिए गांवों में मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम तेजी से चल रहा हैं उधर, निर्वाचन आयोग को भी ग्राम पंचायतों के भंग होने की तारीख की जानकारी दे दी गई है.

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नें विभागीय समीक्षा के दौरान पंचायत चुनाव कराये जाने की बात कही हैं. पंचायती राज विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकारियों को 31 मार्च 2021 तक पंचायतों के चुनाव कराने का निर्देश दिया है. उत्तर प्रदेश सरकार 31 मार्च तक पंचायत चुनाव करा लेने की तैयारी में जुटी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते दिनों अधिकारियों के साथ बैठक में पंचायतों के चुनाव कराने को लेकर निर्देश दिया. मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पंचायती राज विभाग में हलचल तेज हो गई है.

    पंचायती राज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण, चार जिलों में पंचायतों के पूर्ण परिसीमन और 49 जिलों में आंशिक परिसीमन की कार्यवाही चल रही है. इसके बाद त्रिस्तरीय पंचायतों का वार्ड निर्धारण और वार्डों का आरक्षण किया जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि अभी तक चुनाव को लेकर अधिसूचना जारी नहीं हुई है. इसकी अधिसूचना के बाद ही ग्राम पंचायतों में नियमानुसार कार्यवाहक नियुक्त किए जाएंगे. प्रदेश के चार जिलों गोण्डा, मुरादाबाद, सम्भल और गौतमबुद्धनगर में ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के वार्डों के परिसीमन का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है.

    बहरहाल, यदि अन्य राज्यों की तरह से उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव के भी नतीजे भाजपा के पक्ष में आएंगे तो इससे नये कषि कानून की मुखालफत कर रहे किसान नेताओं की मुहिम कमजोर पड़ेगी. ज्ञातव्य हो कि पंजाब और हरियाणा के साथ-साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ किसानों को भी कुछ किसान यूनियनों ने भड़काकर आंदोलन में उतार दिया है. यह बात योगी को रास नहीं आ रही है. वह नहीं चाहते हैं कि उनकी सरकार की छवि किसान विरोधी बने. इस छवि को बचाने के लिए पंचायत चुनाव योगी सरकार के लिए महत्वपूर्ण कड़ी हो सकती है. वहीं 2022 में होने वाले विधान सभा चुनाव मंे भी भाजपा और भी बढ़े हुए मनोबल के साथ चुनाव मैदान में कूदेगी.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleअदरक 1000 रुपये किलो पहुंचा, पाकिस्तान में महंगाई डायन की मार से अवाम हलकान
    Next Article ड्रग चैट केस: बॉलीवुड सेलिब्रिटीज के 85 गैजेट्स जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजे

    Related Posts

    गिरिडीह मकतपुर में बिजली संकट पर फूटा लोगों का गुस्सा, सड़क जाम कर किया प्रदर्शन

    June 24, 2026

    मोहर्रम पर शास्त्री नगर में इंसानियत का पैगाम, 8 हजार लोगों ने ग्रहण किया विशाल लंगर

    June 24, 2026

    मुहर्रम को लेकर उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध शराब के साथ एक गिरफ्तार

    June 24, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    गिरिडीह मकतपुर में बिजली संकट पर फूटा लोगों का गुस्सा, सड़क जाम कर किया प्रदर्शन

    मोहर्रम पर शास्त्री नगर में इंसानियत का पैगाम, 8 हजार लोगों ने ग्रहण किया विशाल लंगर

    मुहर्रम को लेकर उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध शराब के साथ एक गिरफ्तार

    डीसी ऑफिस के पास सड़क हादसे में महिला की मौत, चालक वाहन समेत फरार

    भरत तिवारी मुठभेड़ प्रकरण: उसके गांव पहुंचे प्रशांत किशोर, न्यायिक जांच की निगरानी की मांग

    राम मंदिर से दान गायब मामले में प्राथमिकी के बिना एसआईटी ‘बिना तीर की कमान’ है: अखिलेश

    सब्जी विक्रेता की ईमानदारी: ढाई लाख के सोने के आभूषण लौटाकर पेश की मिसाल

    जमशेदपुर औद्योगिक नगरी जमशेदपुर में पेट्रोल और डीजल को लेकर एक बार फिर अफरा- तफरी का माहौल बन गया है

    शिबू सोरेन को पद्म भूषण मिलने पर झामुमो में खुशी की लहर, लड्डू बांटकर मनाया उत्सव

    सरायकेला-चाईबासा में हाथियों का आतंक: ईचागढ़ में महिला घायल, मनोहरपुर में दंतैल के हमले से व्यक्ति की मौत

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.