Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » काशी विश्वनाथ परिसर स्थित ज्ञानवापी मस्जिद के पास मिले मंदिर के अवशेष
    Breaking News Headlines उत्तर प्रदेश धर्म

    काशी विश्वनाथ परिसर स्थित ज्ञानवापी मस्जिद के पास मिले मंदिर के अवशेष

    Devanand SinghBy Devanand SinghSeptember 7, 2020No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    वाराणसी. धर्मनगरी वाराणसी के श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में बने ज्ञानवापी मस्जिद के समीप खुदाई के दौरान प्राचीन मंदिरों के अवशेष मिले हैं. जिसके बाद यह नारा एक बार फिर सुर्ख़ियों में हैं कि अयोध्या के बाद काशी और मथुरा को मुक्त करने की बात कही जा रही है. एक बार फिर यह विवाद सामने है कि मुगल शासन काल में वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में बने ज्ञानवापी मस्जिद को मंदिरों के ऊपर बनाया गया है.

    श्रीकाशी विश्वनाथ धाम मंदिर के निर्माण के दौरान जेसीबी से खुदाई के दौरान जो भवन के अवशेष मिले हैं, उसकी जांच के लिए पुरातत्व टीम ने मौका मुआयना किया. विश्वनाथ मंदिर में टीम उस जगह पहुंची जहां से ये अवशेष मिले हैं. टीम ने कई एंगल से अवशेष और आसपास के जगह की तस्वीरें लीं. साथ ही जिस जगह सुरंग की चर्चा थी, वहां भी जांच की.

    करीब एक घंटे से ज्यादा वक्त तक टीम वहां रहीं. इसके बाद जांच के लिए अवशेष के कुछ हिस्से लेकर टीम रवाना हो गई. फिलहाल पुरातत्व विभाग की टीम ने जांच रिपोर्ट आने तक कुछ भी बोलने से परहेज किया. टीम के सदस्यों का कहना था कि वो अपनी रिपोर्ट मंदिर प्रशासन को सौंप देगी. टीम में क्षेत्रीय अधिकारी सुभाष यादव और बनारस हिंदू विश्वविदयालय के पूर्व प्रोफेसर मारुति नंदन तिवारी शामिल थे. बता दें कि गुरुवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण के दौरान अचानक जेसीबी खुदाई के दौरान ये अवशेष मिले थे, जिसके बाद उस जगह खुदाई बंद कर दी गई.

    चर्चा के मुताबिक, मंदिरों के जो कलात्मक अवशेष निकले, उसमें कलश और कमल के फूल साफ नजर आ रहे हैं. फिलहाल मंदिर प्रशासन भी कुछ कहने से बच रहा है. हां, जो अवशेष मिले हैं, उनको सुरक्षित रखवा दिया गया है.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleकेरल में एंबुलेस ड्राईवर ने पहले कोरोना संक्रमित युवती का किया रेप, फिर पहुंचाया अस्पताल
    Next Article दीपेश सावंत है ड्रग सिंडिकेट का ऐक्टिव मेंबर, रिया के कहने पर खरीदे थे ड्रग्स: एनसीबी का खुलासा

    Related Posts

    झारखंड के छात्र आंदोलन में बंगाल से युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को भेज रही भाजपा: कांग्रेस कांग्रेस झारखंड प्रदर्शन

    August 11, 2026

    पुलिस कार्रवाई के विरोध में भाजपा के बंद से झारखंड के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित

    August 11, 2026

    अमेरिकी न्यायाधीश ने गौतम अदाणी, सागर अदाणी के खिलाफ आपराधिक मामला खारिज किया

    August 11, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    झारखंड के छात्र आंदोलन में बंगाल से युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को भेज रही भाजपा: कांग्रेस कांग्रेस झारखंड प्रदर्शन

    पुलिस कार्रवाई के विरोध में भाजपा के बंद से झारखंड के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित

    अमेरिकी न्यायाधीश ने गौतम अदाणी, सागर अदाणी के खिलाफ आपराधिक मामला खारिज किया

    सऊदी अरब में भयानक हादसा, सोफा फैक्ट्री में लगी भीषण आग, 16 बांग्लादेशी मजदूरों की मौत

    पंजाब पुलिस ने बड़ी आतंकी साजिश की नाकाम, एक आरोपी गिरफ्तार, 86 हैंड ग्रेनेड बरामद

    सुप्रीम कोर्ट ने टीवी टुडे की याचिका खारिज की, दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश बरकरार, यह है पूरा मामला

    श्रीलंका टेस्ट से पहले टीम इंडिया ने बहाया जमकर पसीना, कोलंबो की गर्मी में अतिरिक्त अभ्यास से खुद को ढाला

    भारत ने ई-वीजा के लिए 11 नए प्रवेश द्वार खोले, अब 88 बंदरगाहों और हवाई अड्डों से विदेशी कर सकेंगे प्रवेश

    80वें स्वतंत्रता दिवस पर ऐतिहासिक बदलाव, लाल किले की प्राचीर से पहली बार गूंजेगा वंदे मातरम्, फिर फहरेगा तिरंगा

    जेन-जी आंदोलन में उठाई गई शिकायतें जायज हैं: मोहन भागवत का लोकतंत्र पर दृष्टिकोण

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.