राष्ट्र संवाद संवाददाता
आनन्दमार्ग प्रचारक संघ की ओर से गुरुकुल आवासीय विद्यालय छोटा गम्हरिया में योग एवं सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर आनन्दमार्ग महिला कल्याण विभाग की अवधूतिका आनन्द अनन्या आचार्या ने बताया कि ज्ञान दो तरह के होते हैं, परा एवं अपरा। अपरा बाह्य पदार्थ का विषय करण है जबकि पराज्ञान आंतरिक सत्ता का विषय करण करता है। अपरा ज्ञान स्वभाव से ही अपूर्ण और अस्थाई होता है। इसके विपरीत पराज्ञान हमेशा यथा तथ्य शुद्ध, स्थाई और पूर्ण होता है, क्योंकि इसके विषय स्वयं परम पुरुष होते हैं। कहा कि आनन्दमार्ग अपराज्ञान की उपेक्षा नहीं करता है। अपराज्ञान की उतनी आवश्यकता है जिससे पांच भौतिक आवश्यकता का अच्छी तरह पूर्ति हो जाए। क्योंकि मनुष्य जीवन का एकमात्र लक्ष्यपरम पुरुष है। शास्त्र जिसका मूल धातु शासन है वह अनुशासन जिसके द्वारा आध्यात्मिक पूर्णता प्राप्त की जाती है। इस मौके पर कोशिकी एवं ताण्डव नृत्य के बारे में बच्चों को बताया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में राजकुमार, करुणा, रीता महतो, निकिता, स्वीटी आड़ी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

