Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » परिजन नहीं पहुंचे तो सामाजिक संस्थाओं ने उठाया अस्थि विसर्जन का जिम्मा
    Breaking News Headlines कारोबार खबरें राज्य से चाईबासा जमशेदपुर झारखंड सरायकेला-खरसावां हजारीबाग

    परिजन नहीं पहुंचे तो सामाजिक संस्थाओं ने उठाया अस्थि विसर्जन का जिम्मा

    Devanand SinghBy Devanand SinghOctober 3, 2026No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    परिजन नहीं पहुंचे तो सामाजिक संस्थाओं ने उठाया अस्थि विसर्जन का जिम्मा

    राष्ट्र संवाद संवाददाता
    जमशेदपुर। जिन दिवंगतों के अंतिम संस्कार के बाद अस्थि विसर्जन के लिए उनके परिजन नहीं पहुंच पाए, उनके धार्मिक संस्कार की जिम्मेदारी सामाजिक संस्था धर्म रक्षिणी पुरोहित महासंघ ने उठाई। संस्थाओं की ओर से 3 अक्टूबर को साकची गांधी घाट पर सामूहिक अस्थि विसर्जन एवं तर्पण का आयोजन किया गया।
    संस्था के अध्यक्ष विपिन झा ने बताया कि मोक्ष धाम में ऐसे दिवंगतों की अस्थियों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की जाती है, जिनके परिजन किसी कारणवश अस्थि विसर्जन के लिए नहीं पहुंच पाते हैं। इसके बाद विधि-विधान के साथ उनका सामूहिक अस्थि विसर्जन और तर्पण कराया जाता है।
    धर्म रक्षिणी पुरोहित महासंघ के अध्यक्ष पंडित विपिन झा ने कहा कि जिन दिवंगतों के अपने लोग पीछे छूट गए हैं या किसी कारण से अंतिम धार्मिक संस्कार के लिए नहीं पहुंच सके, उनका विधि-विधान से संस्कार कराना समाज की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से संस्थाओं की ओर से यह पहल की जा रही है।
    इस पहल का उद्देश्य उन दिवंगतों को भी धार्मिक सम्मान दिलाना है, जिनके अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी निभाने के लिए उनके परिजन मौजूद नहीं हैं। यह काम संस्था 19 सालों से करते आ रही है

    परिजन नहीं पहुंचे तो सामाजिक संस्थाओं ने उठाया अस्थि विसर्जन का जिम्मा
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleवैध वीजा होने के बावजूद भारत में प्रवेश का अधिकार नहीं, दिल्ली हाईकोर्ट ने विदेशी नागरिक के मामले में सुनाया अहम फैसला
    Next Article कोलकाता से रांची जा रही शिवम बस झाबरी में पलटी, 20 से अधिक यात्री घायल

    Related Posts

    15 सूत्री मांगों को लेकर 66 दिनों से अनिश्चितकालीन धरना जारी, जमुआ अंचल कार्यालय में बैठे आंदोलनकारी

    October 3, 2026

    गैंगस्टर फहीम खान के घर AK-47 से हमला, तीनों दोषियों को उम्रकैद

    October 3, 2026

    एनएच-33 पर यात्री बस पलटी, 20 से अधिक यात्री घायल

    October 3, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    15 सूत्री मांगों को लेकर 66 दिनों से अनिश्चितकालीन धरना जारी, जमुआ अंचल कार्यालय में बैठे आंदोलनकारी

    गैंगस्टर फहीम खान के घर AK-47 से हमला, तीनों दोषियों को उम्रकैद

    एनएच-33 पर यात्री बस पलटी, 20 से अधिक यात्री घायल

    SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग, आजाद समाज पार्टी ने उपयुक्त क़ो सौंपा ज्ञापन 

    पुलिस के सायरन से टूटा चोरों का हौसला! बैंक ऑफ इंडिया का ग्रिल तोड़कर घुसे चोर, ताला तोड़ने तक ही सिमटे कदम

    लोयोला स्कूल के पास कारोबारी की क्रिकेट बैट से पिटाई, हत्या के प्रयास की प्राथमिकी

    कोलकाता से रांची जा रही शिवम बस झाबरी में पलटी, 20 से अधिक यात्री घायल

    परिजन नहीं पहुंचे तो सामाजिक संस्थाओं ने उठाया अस्थि विसर्जन का जिम्मा

    वैध वीजा होने के बावजूद भारत में प्रवेश का अधिकार नहीं, दिल्ली हाईकोर्ट ने विदेशी नागरिक के मामले में सुनाया अहम फैसला

    23 हजार करोड़ से ज्यादा के ट्रैफिक जुर्माने का बकाया, सुप्रीम कोर्ट ने ई-चालान नहीं चुकाने वाले वाहनों पर कसा शिकंजा

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.