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    Home » चीन के लिए जासूसी कर रहा था छात्र, अदालत ने सुनाई 8 साल की सजा
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    चीन के लिए जासूसी कर रहा था छात्र, अदालत ने सुनाई 8 साल की सजा

    Devanand SinghBy Devanand SinghJanuary 27, 2023No Comments2 Mins Read
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    वाशिंगटन. अमेरिका में एक छात्र चीन सरकार के लिए एयरोस्पेस और सेटेलाइट टेक्नोलॉजी के साथ वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की जानकारी जुटा जा रहा था. पूर्व स्नातक छात्र को शिकागो में 8 साल की जेल की सजा सुनाई गई. सितंबर में शिकागो में एक संघीय जूरी ने 31 वर्षीय जी चाओकुन को दोषी पाया था. उसे चीन के सुरक्षा मंत्रालय के एक एजेंट के रूप में कार्य काम कर साजिश रचने, अमेरिका में जासूस के रूप में कार्य करने और अपने संपर्कों के बारे में सरकारी फार्म पर झूठ बोलने का दोषी पाया गया.

     

    आरोप लगाया गया कि शिकागो में इलिनोइस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में इंजीनियरिंग का अध्ययन करने के लिए 2013 में अमेरिका आने से कुछ समय पहले चाओकुन को स्टेट सिक्योरिटी मिनिस्ट्री या एमएसएस के एजेंटों द्वारा टारगेट किया गया था. प्रोसिक्यूटर ने कहा कि शीतकालीन अवकाश के लिए चीन वापस जाने के बाद चाओकुन का उनके एमएसएस संचालकों ने जोरदार स्वागत किया. प्रोसिक्यूटर के अनुसार, उसे अंतत: एक बड़ा खुफिया कॉन्ट्रेक्ट दिया गया, जिसमें उसने अपनी एजेंसी के प्रति निष्ठा की शपथ ली और अपने शेष जीवन को राज्य की सुरक्षा के लिए समर्पित करने पर सहमत हो गया.

     

    प्रोसिक्यूटर पक्ष ने कहा कि चाओकुन ने अंतत: ताइवान या चीन में पैदा हुए आठ अमेरिकी नागरिकों पर विज्ञान और टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में करियर के साथ-साथ एयरोस्पेस क्षेत्र में विशेषज्ञता वाले कई लोगों की पृष्ठभूमि की रिपोर्ट एकत्र की. सात ने अमेरिकी रक्षा कॉन्ट्रेक्टर्स के लिए काम किया. सहायक अमेरिकी अटार्नी बैरी जोनास ने चाओकुन के ट्रायल में कहा कि उसने अपने हैंडलर्स को ज़िप्ड अटैचमेंट में रिपोर्ट वापस भेज दी, जिसे मिडटर्म परीक्षा प्रश्नों के सेट के रूप में गलत तरीके से लेबल किया गया था. साल 2016 में चाओकुन ने कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया. इसके बाद उसे विदेशियों की भर्ती के लिए एक कार्यक्रम के जरिए अमेरिकी सेना रिजर्व की लिस्ट में शामिल किया गया. जूरी ने चाओकुन को एक सरकारी पृष्ठभूमि के फॉर्म पर झूठे जवाब देने का दोषी पाया, जिसमें पूछा गया था कि क्या उसका कभी विदेशी खुफिया एजेंसियों के साथ कोई संपर्क था.

     

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