यूसीआईएल में सतर्कता नियमों का खुला उल्लंघन, अधिकारी पर गंभीर आरोप
पीड़ित महिला अधिकारी ने लिखा सी वी ओ को पत्र
राष्ट्र संवाद मुख्य संवाददाता
यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) में सतर्कता संबंधी वैधानिक प्रावधानों और केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के दिशानिर्देशों के उल्लंघन का गंभीर मामला सामने आया है। एक पीड़ित महिला, जो यूसीआईएल में उप अधीक्षक (सी,आर एंड डी/टीडीपीपी) के पद पर कार्यरत हैं, ने मुख्य सतर्कता अधिकारी को पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि संगठन में वर्षों से अधिकारियों का रोटेशन न होना और लंबे समय तक एक ही पद पर बने रहना, भ्रष्टाचार और पक्षपात को बढ़ावा दे रहा है।
शिकायत पत्र में कहा गया है कि सीवीसी सतर्कता मैनुअल और डीओपीटी की नीतियों के अनुसार किसी भी पद पर कार्यकाल 3 से 6 वर्ष से अधिक नहीं होना चाहिए। संवेदनशील पदों पर समय-समय पर रोटेशन अनिवार्य है, ताकि हितों के टकराव और भ्रष्टाचार से बचा जा सके। इसके बावजूद यूसीआईएल में कई अधिकारियों को 10 से 15 साल से अधिक समय तक एक ही पोस्ट और यूनिट पर बनाए रखा गया है।
पूर्व सीएमडी पर गंभीर आरोप
पीड़ित महिला ने अपने पत्र में यूसीआईएल के पूर्व सीएमडी डॉ. संतोष कुमार सतपति पर व्यक्तिगत आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने कई बार सामान्य और नशे की हालत में फ़ोन कॉल व व्यक्तिगत मुलाक़ातों के दौरान दबाव बनाया। आरोप है कि सीएमडी ने साफ़ तौर पर कहा कि यदि शिकायतकर्ता ने उनसे समझौता नहीं किया तो उनके तबादलों में जानबूझकर हेरफेर किया जाएगा। परिणामस्वरूप उन्हें बार-बार अनावश्यक तबादलों का सामना करना पड़ा और ईमानदार कार्यशैली के बावजूद निष्पक्ष माहौल से वंचित रहना पड़ा।
पत्र में यह भी उल्लेख है कि जहाँ सतर्कता जांच का सामना कर रहे अधिकारियों को पदोन्नति के लिए अनुशंसा मिल रही है, वहीं ईमानदार अधिकारियों को उत्पीड़न और भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है। इससे संगठन की संस्थागत अखंडता और कर्मचारियों का मनोबल बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
मांगें और चेतावनी
पीड़ित महिला ने मुख्य सतर्कता अधिकारी से छह बिंदुओं पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है, जिनमें —
सभी दीर्घकालिक नियुक्तियों का सतर्कता ऑडिट,
10-15 वर्षों से अधिक समय से एक ही पद पर टिके अधिकारियों का तत्काल स्थानांतरण,
सीवीसी को विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करना,
भविष्य में रोकथाम के लिए सख्त आंतरिक मानदंड बनाना,
सामान्य कार्यकाल से परे निरंतरता को दस्तावेजीकृत और उचित ठहराना,
उत्पीड़न और अधिकार के दुरुपयोग की स्वतंत्र जांच कर दोषियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई पीड़ित महिला ने चेतावनी दी है कि यदि यूसीआईएल ने इस मामले पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो वे इसे केंद्रीय सतर्कता आयोग और अन्य संवैधानिक प्राधिकरणों के समक्ष उठाने को बाध्य होंगी।

