हुदू के ऊपरबेड़ा में जमीन विवाद ने लिया गंभीर रूप, चार ग्रामीण बंधक
कार्तिक सरदार के परिवार ने लगाया जमीन कब्जाने, मारपीट और युवती से छेड़खानी का आरोप, ग्रामीणों ने भी परिवार पर प्रताड़ना के लगाए गंभीर आरोप
मृत्युंजय बर्मन
राष्ट्र संवाद संवाददाता, सरायकेला
काण्ड्रा थाना क्षेत्र के हुदू पंचायत अंतर्गत ऊपरबेड़ा गांव में जमीन विवाद को लेकर तनाव की स्थिति गंभीर हो गई है। एक पक्ष द्वारा चार ग्रामीणों को तुमसा सरकारी स्कूल मैदान में कथित रूप से बंधक बनाए जाने की बात सामने आई है। बंधक बनाए गए लोगों में भृगु राम सरदार, जटल सरदार, हबलू सरदार और करुणा सरदारिन के नाम बताए जा रहे हैं। ग्रामीण फिलहाल उन्हें छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं।
कार्तिक सरदार का आरोप: पूर्वजों ने दी थी जमीन, अब कब्जे का प्रयास
कार्तिक सरदार का आरोप है कि उनके पूर्वजों ने माझी परिवार को गांव में बसने के लिए जमीन दी थी। अब धीरे-धीरे उसी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। विरोध करने पर परिवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी देने और दबाव बनाने का आरोप लगाया गया है।
पूजा स्थल में तोड़फोड़, युवती को लेकर भी गंभीर आरोप
पीड़ित पक्ष ने घर में तोड़फोड़ करने के साथ वहां स्थापित पूजा स्थल को भी क्षतिग्रस्त करने का आरोप लगाया है। परिवार की एक युवती के साथ छेड़खानी तथा उसकी जबरन शादी कराने की योजना बनाए जाने का भी आरोप लगाया गया है। परिजनों के अनुसार, देर रात करीब एक बजे किसी तरह युवती को वहां से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
पश्चिम बंगाल से लौटने पर कार्तिक ने देखा परिवार को कब्जे में
बताया गया कि कार्तिक सरदार रविवार को पूजा-पाठ के सिलसिले में पश्चिम बंगाल गए थे। लौटने पर उन्होंने परिवार के सदस्यों को ग्रामीणों के कब्जे में पाए जाने का दावा किया। इसके बाद उन्होंने पुलिस और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को मामले की जानकारी दी।
पुलिस टीम को भी ग्रामीणों ने घेरा
मामले की जानकारी मिलने के बाद काण्ड्रा पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों द्वारा पुलिस टीम को भी घेरकर बंधकों को छोड़ने से इनकार किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस अधीक्षक तक पहुंची। एसडीपीओ के नेतृत्व में काण्ड्रा पुलिस के साथ जिला पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची।
ग्रामीणों का पलटवार, लंबे समय से प्रताड़ित कर रहा परिवार
दूसरी ओर ग्रामीणों ने कार्तिक सरदार के परिवार पर ही गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित परिवार खुद को जमींदार बताकर जमीन पर कब्जा करने पहुंचता है। ग्रामीणों को गांव के तालाब में स्नान करने से रोकने तथा कथित रूप से झूठे मुकदमों में फंसाकर परेशान करने का भी आरोप लगाया गया है।
कार्तिक के सामने आने तक नहीं छोड़ेंगे बंधक
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक कार्तिक सरदार उनके सामने नहीं आता, तब तक बंधकों को मुक्त नहीं किया जाएगा। पुलिस ग्रामीणों से लगातार बातचीत कर गतिरोध समाप्त करने और चारों लोगों की सुरक्षित रिहाई का प्रयास कर रही है।
दोनों पक्षों के आरोपों की जांच बाकी
पूरे मामले में दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, लेकिन इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। जमीन विवाद की वास्तविक स्थिति, कथित मारपीट, तोड़फोड़ और युवती से जुड़े आरोपों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
बंधक बने लोगों को मुक्त कराना पुलिस की चुनौती
ऊपरबेड़ा सुदूरवर्ती क्षेत्र में स्थित है और वहां मोबाइल कनेक्टिविटी भी कमजोर बताई जाती है। इससे घटनास्थल से तत्काल और पूरी जानकारी हासिल करने में परेशानी हुई। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता बंधक बनाए गए लोगों को सुरक्षित मुक्त कराना तथा दोनों पक्षों के बीच बढ़े तनाव को नियंत्रित करना है।

