राष्ट्र संवाद संवाददाता
बहरागोड़ा: बहरागोड़ा क्षेत्र में चीनी की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने घर की रसोई से लेकर मिठाई और चाय-नाश्ते के कारोबार तक का बजट बिगाड़ दिया है। पिछले करीब 25 दिनों में चीनी के दाम में लगभग 15-20 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी होने से आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ कारोबारी भी परेशान हैं। अचानक आई इस तेजी के पीछे ठोस वजह को लेकर बाजार में स्थिति स्पष्ट नहीं है।
घरों का भी बिगड़ा बजट
चीनी की बढ़ती कीमत का असर आम घरों के बजट पर भी साफ दिखाई देने लगा है। चाय-कॉफी से लेकर रोजमर्रा के इस्तेमाल तक अब लोगों को पहले की तुलना में अधिक खर्च करना पड़ रहा है। बहरागोड़ा के लोगों ने कहा कि चीनी के दाम अचानक बढ़ने से घरेलू बजट प्रभावित हुआ है। रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं के दाम बढ़ने से परिवार का खर्च संभालना मुश्किल होता जा रहा है।
चाय दुकानदारों का भी बिगड़ा कारोबारी गणित
चीनी की कीमत बढ़ने से चाय दुकानदारों की परेशानी भी बढ़ गई है। चाय दुकानदारों ने बताया कि चीनी लगातार महंगी होने से चाय की लागत बढ़ गई है। चाय के दाम बढ़ाने पर ग्राहक कम होने का डर रहता है और चीनी की मात्रा कम करने पर ग्राहक शिकायत करते हैं। ऐसे में बढ़ती लागत के बीच कारोबार चलाना मुश्किल होता जा रहा है। दुकानदारों का कहना है कि यदि चीनी की कीमतों में जल्द राहत नहीं मिली तो इसका असर आगे चलकर चाय और मिठाई समेत कई खाद्य पदार्थों की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
रक्षाबंधन में मिठाई की मिठास होगी फीकी
रक्षाबंधन पर इस बार चीनी की महंगाई
जेब पर भारी पड़ सकती है। चीनी के दाम में लगातार तेजी से मिठाई कारोबारियों की लागत बढ़ गई है। पिछले 25 दिनों में चीनी करीब 20 रुपये किलो तक महंगी हुई है। इसका सीधा असर मिठाई की कीमतों पर पड़ना तय है। बहरागोड़ा क्षेत्र में रविवार को चीनी का भाव 65-70 रुपये प्रति किलो था। सप्ताह भर बाद रक्षाबंधन के दौरान इसके दाम 80 रुपये तक जाने का भय है। ऐसे में मिठाई की मांग बढ़ने के साथ दुकानदार कीमतों में 10 से 20 फीसदी तक इजाफा कर सकते हैं। एक हजार तक की मिठाई 20 व इससे अधिक दाम में 10 फीसदी का इजाफा होगा। दूध, खोया, घी और मेवे की लागत पहले से ही कारोबारियों पर दबाव बनाए हुए है। ऐसे में चीनी की अचानक बढ़ी कीमत ने खर्च का हिसाब और बिगाड़ दिया है।

