बाराद्वारी स्थित क्लिनिक में मरीज की मौत पर हंगामा,
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर: शहर के बाराद्वारी स्थित डॉ. डी.के. मिश्रा क्लिनिक में रविवार को एक मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हो गया। मरीज के परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में बवाल काटा। स्थिति को बिगड़ता देख क्लिनिक प्रबंधन ने आनन-फानन में परिजनों को दो लाख रुपये का मुआवजा देकर मामला शांत कराया। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक मामला शांत हो चुका था और परिजन मुआवजे की राशि लेकर वहां से जा चुके थे।

जानकारी के अनुसार जादूगोड़ा निवासी परेश भगत को गोल ब्लैडर में पथरी की समस्या थी। दो दिन पहले उनका ऑपरेशन बाराद्वारी स्थित डॉ. डी.के. मिश्रा क्लिनिक में किया गया था। बताया जाता है कि ऑपरेशन के बाद मरीज का इलाज चल रहा था, इसी दौरान रविवार को अचानक उनकी हालत बिगड़ गई और इलाज के क्रम में उनकी मौत हो गई।
मरीज की मौत की खबर मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग क्लिनिक पहुंच गए। इसके बाद परिजनों ने डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का कहना था कि पथरी का ऑपरेशन आम तौर पर सामान्य प्रक्रिया माना जाता है और इस तरह के ऑपरेशन में मौत होना गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करता है। उनका आरोप था कि यदि समय पर सही इलाज किया गया होता तो मरीज की जान बचाई जा सकती थी।
क्लिनिक परिसर में बढ़ते हंगामे को देखते हुए अस्पताल प्रशासन भी सक्रिय हो गया। स्थिति को संभालने और मामले को शांत कराने के लिए प्रबंधन ने परिजनों से बातचीत शुरू की। काफी देर तक चली बातचीत के बाद क्लिनिक प्रबंधन ने परिजनों को दो लाख रुपये का मुआवजा देने पर सहमति जताई। इसके बाद परिजन शांत हुए और मुआवजे की राशि लेकर वहां से चले गए।
इस बीच किसी ने मामले की सूचना पुलिस को भी दे दी थी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक स्थिति सामान्य हो चुकी थी और विवाद खत्म हो चुका था। पुलिस ने घटनास्थल की जानकारी ली और आवश्यक पूछताछ के बाद वापस लौट गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में निजी अस्पतालों और क्लिनिकों में इलाज के दौरान लापरवाही की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रहती हैं। ऐसे मामलों में अक्सर परिजनों के विरोध के बाद ही अस्पताल प्रबंधन समझौते की राह अपनाता है। इस घटना ने एक बार फिर निजी स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल इस मामले में किसी तरह की लिखित शिकायत पुलिस में दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस का कहना है कि यदि परिजन लिखित शिकायत देते हैं तो मामले की जांच की जाएगी। वहीं मरीज की मौत के बाद शहर में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है।

