काली रात के साये में ईचागढ़ में धड़ल्ले से हो रही अवैध बालू की काली वसूली
8 हजार रुपए जिला प्रशासन मैनेज इंट्री की वसूली रेत तय !
वाट्सअप मैसेज पासिंग इंट्री का खेला !
राष्ट्र संवाद संवाददाता
चांडिल काली रात के साये में ईचागढ़ क्षेत्र में अवैध बालू परिवहन का गढ़ बन गया है। पुलिस-प्रशासन को मैनेज करने के नाम पर खुलेआम वसूली का खेल जारी है। सूत्रों के अनुसार, प्रति हाइवा ट्रक 8 हजार रुपये “सुविधा शुल्क” लेकर अवैध बालू की ढुलाई की जा रही है। वाहन मालिक ईचागढ़ थाना के मुंशी को निर्धारित नंबर पर मोबाइल पर मैसेज भेजते हैं, तभी ट्रक लोड होता है।

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की बालू उठाव पर रोक की धज्जियां उड़ रही है
जानकारी के मुताबिक, करीब 120 भारी वाहन रोजाना इस धंधे में शामिल रहते हैं। संख्या घटती बढ़ती रहती है यानी रोजाना लाखों में महीने में ये राशि करोड़ो में वसूली होती है. इस सिंडिकेट में कथित स्थानीय पत्रकार और आदित्यपुर का एक कांग्रेस नेता के साथ नौशाद व आकाश अंसारी का नाम सामने आया है। आरोप है कि इन सबको सफेदपोश नेताओं और पुलिस-प्रशासन का संरक्षण प्राप्त है।
शुक्रवार की सुबह 5.37 बजे ईचागढ़ थाना क्षेत्र के बासाहातु गांव में पुलिस ने 5-7 अवैध बालू लोड ट्रकों को रोका और फोन पर आए मैसेज से मिलान कर छोड़ दिया। हालांकि तमाड़ पुलिस की गश्ती की भनक लगते ही कई वाहन जगह-जगह खड़े हो गए। जैसे ही पुलिस हटी, सभी ट्रक आगे निकल गए।

वाहन मालिकों का कहना है कि थाना पासिंग इंट्री के नाम पर 8 हजार रुपये वसूले जाते हैं। अगर वैध चालान से बालू लोड करेंगे तो ट्रक जब्त कर लिया जाता है। ये ईचागढ़ पुलिस दबाव दिए जाने की सूचना मिल रही है वहीं, सीमावर्ती ईचागढ़ चौका हाइवे पर पुलिसकर्मी निजी वाहनों से घूम-घूम कर चेतावनी देते हैं कि बुंडू से बालू परिवहन चलाने वाले वैध चालान से चलने वाले वाहनों से केवल ईचागढ़ थाना से बालू पासिंग इंट्री करा कर ही ट्रक चलाएं।

जिला खनन पदाधिकारी ज्योति शंकर सतपथि ने कहा कि अवैध ढुलाई पर लगातार छापामारी की जा रही है। ईचागढ़ में वैध भंडार उपलब्ध है, इसलिए वाहन चालकों को चालान से ही बालू लोड करना चाहिए, अन्यथा पकड़े जाने पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। ईचागढ़ थाना के समीप जीपीएस कैमरा अवैध बालू परिवहन निगरानी के लिए लगाए गए हैं. बता दे एक माह के अंदर में 11 अवैध बालू लदी वाहनों को जप्त किया जो सराहनीय कार्य है.

वहीं, इस मामले पर ईचागढ़ थाना प्रभारी आदित्य विक्रम और चांडिल अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अरविंद बिन्हा से संपर्क की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

