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    Home » वार्ड 30 में कड़ा मुकाबला,15 साल के कार्यकाल पर सवाल, 25 साल की समाजसेवा का दावा
    झारखंड सरायकेला-खरसावां

    वार्ड 30 में कड़ा मुकाबला,15 साल के कार्यकाल पर सवाल, 25 साल की समाजसेवा का दावा

    Aman OjhaBy Aman OjhaFebruary 19, 2026No Comments2 Mins Read
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    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    आदित्यपुर: नगर निगम चुनाव के अंतिम चरण में पहुंचते ही वार्ड संख्या 30 का चुनावी माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है। क्षेत्र में इस बार मुकाबला अनुभव बनाम असंतोष के बीच सिमटता नजर आ रहा है। एक ओर जहां पिछले 15 वर्षों के कार्यकाल को लेकर विरोधी खेमे पर एंटी-इन्कंबेंसी और कथित भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं, वहीं दूसरी ओर निर्दलीय प्रत्याशी सतीश कुमार उर्फ सतीश शर्मा अपनी 25 वर्षों की समाजसेवा को मुद्दा बनाकर जनता के बीच समर्थन मांग रहे हैं।

    चुनावी माहौल में यह साफ दिख रहा है कि इस बार शिक्षित और युवा मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं। कई युवाओं का कहना है कि वे जातीय समीकरणों से ऊपर उठकर विकास, पारदर्शिता और व्यक्तिगत उपलब्धता को प्राथमिकता दे रहे हैं। उनका मानना है कि क्षेत्र को ऐसे प्रतिनिधि की जरूरत है जो हर परिस्थिति में उपलब्ध रहे और समस्याओं का त्वरित समाधान करे।

    सतीश शर्मा अपने लंबे सामाजिक कार्यों को प्रचार का प्रमुख आधार बना रहे हैं। समर्थकों के अनुसार उन्होंने वर्षों से जरूरतमंदों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने, गंभीर बीमार मरीजों की सहायता करने और रक्तदाताओं का नेटवर्क खड़ा कर आपात स्थितियों में मदद पहुंचाने का कार्य किया है। बिना किसी पद पर रहते हुए लगातार सामाजिक सक्रियता को उनकी सबसे बड़ी ताकत बताया जा रहा है।

    इधर राजनीतिक जानकारों का कहना है कि चुनाव चिन्ह ‘साइकिल पंप’ क्षेत्र में तेजी से पहचान बना रहा है और निर्दलीय उम्मीदवार की बढ़ती सक्रियता ने मुकाबले को रोचक बना दिया है। विरोधी खेमे में भी रणनीति को लेकर मंथन जारी है।

    अब अंतिम फैसला मतदाताओं के हाथ में है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि वार्ड 30 की जनता अनुभव और सेवा के दावे पर भरोसा करती है या फिर पिछले कार्यकाल के आधार पर अपना निर्णय सुनाती है।

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    जहानाबाद, शहीद वायु सेना अधिकारी शुभम कुमार के मुआवजे को लेकर विवाद, परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल। जहानाबाद जिले के हुलासगंज थाना क्षेत्र के बनवरिया गांव निवासी शहीद वायुसेना अधिकारी शुभम कुमार की असम के जोरहाट में विमान दुर्घटना में शहादत के बाद अब मुआवजे और सरकारी लाभ को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शहीद शुभम के पिता अमरेंद्र शर्मा ने आरोप लगाया है कि सरकार की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता श्रेया राय नामक युवती को दिया गया। इस मामले में जहानाबाद के अनुमंडल पदाधिकारी राजीव रंजन सिन्हा का कहना है कि आधिकारिक कागजात के अनुसार श्रेया राय शहीद शुभम कुमार की पत्नी हैं। हालांकि अमरेंद्र शर्मा ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि श्रेया राय शुभम कुमार की पत्नी हैं तो वह हमलोग के साथ क्यों नहीं रह रही हैं। उन्होंने कहा कि शहीद के माता-पिता होने के नाते उन्हें भी सरकारी लाभ और मुआवजे में अधिकार मिलना चाहिए। पिता ने सरकार और प्रशासन से मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इस मामले में लाभार्थी के चयन में पारदर्शिता होनी चाहिए और शहीद के माता-पिता के हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मुआवजे और अन्य सरकारी लाभों को लेकर उठे इस विवाद के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा का माहौल बना हुआ है।

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