वार्ड 30 में कड़ा मुकाबला: 15 साल के कार्यकाल पर सवाल, 25 साल की समाजसेवा का दावा
राष्ट्र संवाद संवाददाता
आदित्यपुर: नगर निगम चुनाव के अंतिम चरण में पहुंचते ही वार्ड संख्या 30 का चुनावी माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है। क्षेत्र में इस बार मुकाबला अनुभव बनाम असंतोष के बीच सिमटता नजर आ रहा है। एक ओर जहां पिछले 15 वर्षों के कार्यकाल को लेकर विरोधी खेमे पर एंटी-इन्कंबेंसी और कथित भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं, वहीं दूसरी ओर निर्दलीय प्रत्याशी सतीश कुमार उर्फ सतीश शर्मा अपनी 25 वर्षों की समाजसेवा को मुद्दा बनाकर जनता के बीच समर्थन मांग रहे हैं।
चुनावी माहौल में यह साफ दिख रहा है कि इस बार शिक्षित और युवा मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं। कई युवाओं का कहना है कि वे जातीय समीकरणों से ऊपर उठकर विकास, पारदर्शिता और व्यक्तिगत उपलब्धता को प्राथमिकता दे रहे हैं। उनका मानना है कि क्षेत्र को ऐसे प्रतिनिधि की जरूरत है जो हर परिस्थिति में उपलब्ध रहे और समस्याओं का त्वरित समाधान करे।
सतीश शर्मा अपने लंबे सामाजिक कार्यों को प्रचार का प्रमुख आधार बना रहे हैं। समर्थकों के अनुसार उन्होंने वर्षों से जरूरतमंदों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने, गंभीर बीमार मरीजों की सहायता करने और रक्तदाताओं का नेटवर्क खड़ा कर आपात स्थितियों में मदद पहुंचाने का कार्य किया है। बिना किसी पद पर रहते हुए लगातार सामाजिक सक्रियता को उनकी सबसे बड़ी ताकत बताया जा रहा है।
इधर राजनीतिक जानकारों का कहना है कि चुनाव चिन्ह ‘साइकिल पंप’ क्षेत्र में तेजी से पहचान बना रहा है और निर्दलीय उम्मीदवार की बढ़ती सक्रियता ने मुकाबले को रोचक बना दिया है। विरोधी खेमे में भी रणनीति को लेकर मंथन जारी है।
अब अंतिम फैसला मतदाताओं के हाथ में है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि वार्ड 30 की जनता अनुभव और सेवा के दावे पर भरोसा करती है या फिर पिछले कार्यकाल के आधार पर अपना निर्णय सुनाती है।

