भाजपा अध्यक्ष पद की दौड़ हुई तेज
– *राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा शीर्ष नेतृत्व के बीच गहन मंथन जारी*
*झारखंड में भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की तैयारी शुरू*
धीरज कुमार सिंह
*नई दिल्ली :* 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में संगठनात्मक नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया तेज़ हो गई है। मौजूदा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा का कार्यकाल समाप्ति की ओर है और अब पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा शीर्ष नेतृत्व के बीच गहन मंथन जारी है। सूत्रों के अनुसार, संघ इस बार नेतृत्व में अधिक निर्णायक भूमिका निभा रहा है और चाहता है कि अगला अध्यक्ष संगठनात्मक अनुशासन और वैचारिक समर्पण से परिपूर्ण हो।
संभावित चेहरों में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सबसे प्रबल दावेदार मानी जा रही हैं। संघ और सरकार दोनों के लिए विश्वसनीय चेहरा होने के साथ-साथ महिला नेतृत्व को आगे लाने की दिशा में उनका नाम रणनीतिक रूप से मुफ़ीद माना जा रहा है। वहीं, आंध्र प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डी. पुरंदेश्वरी भी एक मजबूत दावेदार हैं। दक्षिण भारत में पार्टी के विस्तार और संघ की पृष्ठभूमि के कारण उन्हें भी गंभीरता से देखा जा रहा है।
इसके अलावा, संगठनात्मक गहराई से जुड़े विनोद तावड़े और वानथी श्रीनिवासन जैसे नाम भी चर्चा में हैं, विशेषकर यदि पार्टी गैर-सरकारी पृष्ठभूमि वाले नेता को आगे लाना चाहे। RSS इस बार भाजपा को फिर से शाखा-संस्कृति और विचारधारा के मूल पथ पर लौटाना चाहता है। इस लिहाज से अगला अध्यक्ष न सिर्फ़ चुनावी रणनीति, बल्कि संगठनात्मक स्थिरता और वैचारिक संतुलन का प्रतीक होगा।
जबकि धर्मेंद्र प्रधान शिवराज सिंह चौहान और मनोहर लाल खट्टर के नामों की चर्चा भी है
कुल मिलाकर, भाजपा का अगला अध्यक्ष वह नहीं होगा जो सबसे लोकप्रिय है, बल्कि वह होगा जो संघ-संगत, अनुशासित और विचारनिष्ठ हो, और संभवतः महिला नेतृत्व के रूप में पार्टी की नई पहचान को गढ़े।
*झारखंड में भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की तैयारी शुरू ,प्रदेश अध्यक्ष ओबीसी चेहरा ही*
इधर झारखंड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नए प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है। पार्टी नेतृत्व ने संकेत दिया है कि इस बार ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) समुदाय से आने वाले नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाएगा, जिसकी संगठनात्मक पृष्ठभूमि हो।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के लिए ऐसे ओबीसी नेता को वरीयता दी जाएगी जो मजबूत संगठनात्मक पृष्ठभूमि से आता हो। भाजपा नेतृत्व संगठन और सामाजिक संतुलन दोनों को साधने की रणनीति पर काम कर रहा है।
भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि आगामी झारखंड प्रदेश अध्यक्ष पद पर अब ओबीसी समुदाय के नेता को प्राथमिकता दी जाएगी। यह निर्णय दो प्रमुख कारणों से लिया गया है राजनीतिक समीकरण और संगठनात्मक मजबूती

