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    नारायणपुर: छोटी सी जमीन, उजड़ गया पूरा परिवार – केंदुआडीह गांव में जमीन विवाद ने ली एक की जान, तीन घर तबाह, 60 से अधिक लोग बेघर

    Nizam KhanBy Nizam KhanJuly 6, 2025Updated:July 6, 2025No Comments3 Mins Read
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    राष्ट्र संवाद संवाददाता जामताड़ा

    जामताड़ा नारायणपुर: नारायणपुर प्रखंड के केंदुआडीह गांव में जमीन विवाद ने एक ऐसा दुखद रूप ले लिया, जिसने न सिर्फ एक व्यक्ति की जान ले ली, बल्कि तीन घरों को बर्बाद कर दिया और 60 से अधिक लोगों को बेघर कर दिया। यह घटना अब पुलिस-प्रशासन और न्यायिक व्यवस्था के लिए एक बड़ा सवाल बन चुकी है।

    •मामले की शुरुआत:

    दिनांक 26 जुलाई 2024 (शुक्रवार) को गांव में जमीन विवाद को लेकर कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। इस दौरान मंगल मियां को गंभीर रूप से चोटें आईं। उन्हें इलाज के लिए रांची रिम्स भेजा गया, जहां इलाज के 10 दिन बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    •मृतक के परिजनों का आरोप:

    मंगल मियां के परिजनों ने इस हत्या के लिए गांव के ही इब्राहिम मियां, एम.डी. इलियास, और अमीर मियां पर आरोप लगाया। तीनों ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद इलियास और अमीर मियां को कोर्ट से बेल मिल गया।

    •झगड़े के बाद उजड़ गया घर:

    इलियास मियां की ओर से बताया गया कि घटना के दिन जब मारपीट हुई, उस समय भय और तनाव के माहौल में उन्हें और उनके परिवार को जान बचाकर गांव छोड़कर भागना पड़ा। उनके भागते ही उनके मकानों पर हमला हो गया। छतें तोड़ दी गईं, दरवाजे-खिड़कियाँ उखाड़ दी गईं और घर का सारा सामान लूट लिया गया।

    •लूटपाट और तोड़फोड़ में शामिल लोगों के नाम:

    पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि उनके घरों को नुकसान पहुँचाने और लूटपाट में शामिल लोगों में मकसूद आलम, सराफत अंसारी, शमशेर अंसारी, आलम मियां, सद्दाम अंसारी, दुखान मियां, फजलू मियां, उमर फारूक और अब्दुल अंसारी शामिल हैं।

    •अब भी जारी है उत्पात:

    इलियास मियां ने कहा, “हम लोग अभी भी घर नहीं लौट पाए हैं। आज भी हमारे मकानों की दीवारें तोड़ी जा रही हैं। पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हम कोर्ट से न्याय की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन जब तक प्रशासन हमारी सुरक्षा की जिम्मेदारी नहीं लेता, हम वापस नहीं लौट सकते।”

    •प्रशासन से मांग – सुरक्षा और मुआवजा चाहिए

    इलियास और अमीर मियां ने नारायणपुर थाना में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा है कि, “हम कोर्ट से बेल पर हैं, लेकिन अब हम अपने ही घर में सुरक्षित नहीं हैं। हमारी मांग है कि हमें पुलिस सुरक्षा में घर वापस लौटने दिया जाए और जो नुकसान हुआ है, उसका मुआवजा भी दिया जाए।”

    •नासरुद्दीन अंसारी की गुहार:

    पीड़ित नासरुद्दीन अंसारी ने कहा, “हमारे तीन घर पूरी तरह से तबाह कर दिए गए हैं। 60 से ज्यादा लोग बेघर हैं। बच्चों की पढ़ाई रुक गई है, महिलाएं दर-दर भटक रही हैं। त्योहार तक हमने बाहर बिताया।”

    •कोरेसा बीवी की व्यथा:

    कोरेसा बीवी ने आंखों में आंसू भरकर कहा, “कभी मायके, कभी बेटी-दामाद के घर, तो कभी रिश्तेदारों के यहाँ शरण लेनी पड़ रही है। अब बारिश का मौसम आ गया है, सोचिए हम कहाँ जाएंगे? हमारे पास अब छत भी नहीं बची।”

    •गांव बन गया कब्रिस्तान, भाई बना दुश्मन

    कभी आपसी सौहार्द और भाईचारे के लिए पहचाने जाने वाला केंदुआडीह गांव आज गहरे विवादों में उलझकर एक कब्रिस्तान बन चुका है। भाई-भाई एक-दूसरे के खून के प्यासे बन बैठे हैं। प्रशासन और समाज के लिए यह एक चेतावनी है कि अगर ऐसे मामलों को समय पर नियंत्रित नहीं किया गया, तो कई और परिवार उजड़ते रहेंगे।

    • प्रशासन से अपील
    • अब ज़रूरत है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले।
    • पीड़ित परिवारों को सुरक्षा मुहैया कराई जाए
    • दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो
    • टूटे मकानों का मुआवजा दिलाया जाए
    • और न्यायिक प्रक्रिया को पारदर्शी व निष्पक्ष बनाया जाए

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