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    Home » शिबू सोरेन के निधन पर पूरे राज्य में शोक, जादूगोड़ा के परमाणु विद्यालय और यूसील प्रबंधन की उदासीनता पर उठे सवाल
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    शिबू सोरेन के निधन पर पूरे राज्य में शोक, जादूगोड़ा के परमाणु विद्यालय और यूसील प्रबंधन की उदासीनता पर उठे सवाल

    dhiraj KumarBy dhiraj KumarAugust 5, 2025Updated:August 5, 2025No Comments2 Mins Read
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    शिबू सोरेन के निधन पर पूरे राज्य में शोक, जादूगोड़ा के परमाणु विद्यालय और यूसील प्रबंधन की उदासीनता पर उठे सवाल

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    जादूगोड़ा:झारखंड के वरिष्ठ नेता, पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन के निधन पर जहां पूरे राज्य में शोक की लहर छाई रही, वहीं जादूगोड़ा के परमाणु ऊर्जा केंद्रीय विद्यालय और यूसील प्रबंधन की बेरुखी से स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली

     

    जादूगोड़ा थाना क्षेत्र और अनुमंडल के अधिकांश सरकारी व निजी विद्यालयों में शोक स्वरूप अवकाश घोषित किया गया। स्कूल प्रबंधन द्वारा श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर गुरुजी को नमन किया गया। जेवियर पब्लिक स्कूल, मुसाबनी के कान्वेंट स्कूल, मॉडर्न पब्लिक स्कूल, शेफर्ड इंग्लिश स्कूल समेत तमाम विद्यालयों ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए स्कूल बंद रखा।

     

    वहीं दूसरी ओर, यूसील कॉलोनी स्थित परमाणु ऊर्जा केंद्रीय विद्यालय के दोनों स्कूल खुले रहे, जिससे स्थानीय नागरिकों और झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं में रोष है। पार्टी के स्थानीय नेता प्रदीप भुइया ने स्कूल प्रबंधन की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि “यह झारखंड की अस्मिता का अपमान है।”

     

    स्कूल प्रबंधन ने सफाई देते हुए कहा कि, ”हम केंद्र सरकार के अधीन हैं, और हमें किसी प्रकार का बंदी आदेश प्राप्त नहीं हुआ।” इतना ही नहीं, यूरेनियम कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसील) प्रबंधन ने भी किसी तरह की श्रद्धांजलि सभा या अवकाश की घोषणा नहीं की, जिससे क्षेत्रीय भावना को ठेस पहुँची है। जबकि झारखंड सरकार के सभी वरिष्ठ अधिकारियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक ने शोक संवेदना प्रकट की है।

     

    स्थानीय लोगों का कहना है कि राज्यसभा सांसद और झारखंड आंदोलन के पुरोधा के निधन पर यूसील जैसी संस्था की चुप्पी “संवेदनहीनता और सामाजिक असंवेदनशीलता” को दर्शाता है। लोगों ने मांग की है कि इस विषय में केंद्र सरकार और यूसील प्रबंधन को स्पष्टीकरण देना चाहिए और भविष्य में इस तरह की भूल दोहराई न जाए।

     

    जादूगोड़ा के परमाणु विद्यालय और यूसील प्रबंधन की उदासीनता पर उठे सवाल शिबू सोरेन के निधन पर पूरे राज्य में शोक
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