Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » कड़वा सच:- चुनावी मौसम में याद आए दिनकर, पर उनके आदर्शों से दूर राजनीति ब्रह्मर्षि समाज की चुप्पी भी विचारणीय
    Breaking News Headlines उत्तर प्रदेश ओड़िशा खबरें राज्य से चाईबासा जमशेदपुर जामताड़ा झारखंड दुमका धनबाद पटना पश्चिम बंगाल बिहार बेगूसराय मुंगेर मुजफ्फरपुर रांची राजनीति शिक्षा संथाल परगना संथाल परगना समस्तीपुर सरायकेला-खरसावां संवाद विशेष साहित्य हजारीबाग

    कड़वा सच:- चुनावी मौसम में याद आए दिनकर, पर उनके आदर्शों से दूर राजनीति ब्रह्मर्षि समाज की चुप्पी भी विचारणीय

    News DeskBy News DeskNovember 2, 2025No Comments1 Min Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    कड़वा सच:-

    चुनावी मौसम में याद आए दिनकर, पर उनके आदर्शों से दूर राजनीति ब्रह्मर्षि समाज की चुप्पी भी विचारणीय

    देवानंद सिंह

    “अच्छे होने का, अपने होने का दिखावा करते है ,
    राजनीति में तो हम सब यही छलावा करते है। “

    हर चुनावी मौसम में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की याद तो दिलाई जाती है, लेकिन उनके विचारों और आदर्शों को अपनाने की नीयत कहीं नहीं दिखती। बड़े-बड़े नेता उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर फोटो खिंचवाते हैं, पर उनकी जयंती पर एक ट्वीट करना भी जरूरी नहीं समझते। विडंबना यह है कि बिहार ही नहीं, झारखंड में भी दिनकर की अनदेखी लगातार होती जा रही है

     

    और सबसे चिंताजनक बात यह है कि ब्रह्मर्षि भूमिहार समाज, जो दिनकर की गौरवशाली विरासत का उत्तराधिकारी माना जाता है, इस उपेक्षा पर कोई आवाज नहीं उठाता। आज फिर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर रोड शो की शुरुआत हुई, लेकिन दिनकर के वीरत्व, स्वाभिमान और राष्ट्रवाद के संदेश को कोई आगे नहीं बढ़ा रहा। चुनावी मंचों पर दिनकर के नाम का उपयोग तो होता है, मगर उनके आदर्शों का नहीं यही आज की राजनीति की सबसे बड़ी विडंबना है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleबोकारो पुलिस ने अवैध विदेशी शराब की फैक्ट्री का किया फंडा फोड़
    Next Article पाणिनी उत्सव समिति की तृतीय बैठक संपन्न

    Related Posts

    हाईकेगोड़ा से चांगीरा तक 3 करोड़ की लागत से होगा 3.7 किमी का सड़क निर्माण, विधायक संजीव सरदार ने किया शिलान्यास

    May 6, 2026

    टंडवा की सड़कों पर मौत का तांडव: दो युवकों की कुचलकर मौत, आक्रोश में उबल उठा जनसैलाब ।

    May 6, 2026

    करंट की चपेट में आकर जंगली हाथी की मौत, ग्रामीणों में आक्रोश

    May 6, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    हाईकेगोड़ा से चांगीरा तक 3 करोड़ की लागत से होगा 3.7 किमी का सड़क निर्माण, विधायक संजीव सरदार ने किया शिलान्यास

    टंडवा की सड़कों पर मौत का तांडव: दो युवकों की कुचलकर मौत, आक्रोश में उबल उठा जनसैलाब ।

    करंट की चपेट में आकर जंगली हाथी की मौत, ग्रामीणों में आक्रोश

    ब्रह्मर्षि विकास मंच कदमा इकाई की बैठक संपन्न, 1 जून को मनाया जाएगा स्व. ब्रह्मेश्वर मुखिया का शहादत दिवस

    संपत्ति के लिए पिता की पिटाई करने वालों पर मुकदमा दर्ज 

    बंगाल चुनाव में हार: ममता बनर्जी का बयान और बड़े आरोप | राष्ट्र संवाद

    दिल्ली अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2026 का भव्य आगाज | राष्ट्र संवाद

    ठाणे: जनगणना ड्यूटी से इनकार करने वाले शिक्षकों पर FIR | राष्ट्र संवाद

    बीजेपी पर ‘वोट चोरी’ का आरोप: विपक्ष में क्यों नहीं कोई जेपी या अन्ना? | राष्ट्र संवाद

    बंगाल विजय: संघ की जमीनी साधना और भाजपा की जीत | राष्ट्र संवाद

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.