राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर: मानगो स्थित एक निजी क्लिनिक में ऑपरेशन से पहले ही 16 वर्षीय रेयान आलम की संदिग्ध मौत से इलाके में आक्रोश फैल गया। परिजनों का आरोप है कि एनेस्थीसिया का इंजेक्शन देते ही बच्चे की तबीयत बिगड़ गई और ऑपरेशन शुरू होने से पहले ही उसकी मौत हो गई। इसके बावजूद डॉक्टर ने उसे सदर अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। शुक्रवार को झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता और मानगो नगर निगम की मेयर सुधा गुप्ता भी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। बन्ना गुप्ता ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए, लेकिन किसी निर्दोष को फंसाया न जाए।
अधिकारियों के अनुसार, मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा। फिलहाल परिजनों के आरोपों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।

