टाटा स्टील कर्मचारी मणि भूषण तिवारी पर लगा पत्नी और बेटे पर हमले का आरोप, हथौड़े से तोड़ा दरवाजा
टाटा स्टील की छवि भी हो रही है धूमिल!
पति पत्नी के विवाद की जड़ में कहीं यह महिला तो नहीं?कौन है यह मिस्ट्री वूमेन?
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर।कदमा थाना क्षेत्र अंतर्गत रंकिनी मंदिर के पीछे टाटा स्टील कर्मचारियों के लिए निर्मित ग्रीन एनक्लेव में 30 अगस्त 2025 की सुबह 11 बजे हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। टाटा स्टील के कर्मचारी मणि भूषण तिवारी पर आरोप है कि उन्होंने हथौड़े से फ्लैट का दरवाजा तोड़कर अपनी पत्नी और नाबालिग बेटे पर हमला कर दिया।

करीब 20 वर्षों के दांपत्य जीवन के बाद इस दंपति के रिश्तों में आई दरार ने अब हिंसक रूप ले लिया है। पीड़िता पूर्व में भी पति के खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत थाना और न्यायालय में दर्ज करवा चुकी है, जो इस समय विचाराधीन है।

पीड़िता शिक्षिका हैं और बच्चों की परवरिश एवं शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर है। आरोप है कि टाटा स्टील के कर्मचारी होने के बावजूद लगभग पौने दो लाख रुपए वेतन पाने वाले और दो फ्लैटों के मालिक मणि भूषण तिवारी बच्चों की पढ़ाई और जीवन-यापन के खर्च तक नहीं उठाते।

घरेलू हिंसा से शुरू हुई यह लड़ाई न्यायालय तक पहुंची। पत्नी ने गुजारा भत्ता और हिंसा के मामले दर्ज करवाए। लेकिन इसी बीच मणि भूषण तिवारी कुछ तथाकथित समाजसेविकाओं को लेकर दिनदहाड़े फ्लैट पर पहुंचे और हथौड़े से दरवाजा तोड़कर भीतर घुस गए। नाबालिग बेटे ने कदमा थाना में लिखित शिकायत दी, मगर आरोप है कि थाना प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। परिजनों का कहना है कि पैसे और दबाव के चलते शिकायत को दबा दिया गया।

स्थानीय लोगों का मानना है कि यह घटना न केवल परिवार के लिए बल्कि टाटा स्टील की साख के लिए भी शर्मिंदगी का विषय है। पीड़ित परिवार वर्तमान में दहशत में जी रहा है। परिजन चेतावनी दे रहे हैं कि यदि कोई अनहोनी या खूनी संघर्ष होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी कदमा थाना और जिला प्रशासन की होगी। बहरहाल पूरे प्रकरण कि अगर समीक्षा की जाए तो टाटा स्टील की छवि तो धूमिल हो ही रही है एक महिला के कारण स्थानीय नेता की छवि भी हो रही है खराब

