तुरामडीह माइंस मैनेजर के पद पर वर्षों से जमे अधिकारी के मामले की समीक्षा करेगा UCIL प्रबंधन
दो साल में चार बार तबादला, जबकि कई अधिकारी पांच से सात वर्षों से एक ही पद पर काबिज; तबादला नीति में पक्षपात को लेकर उठे सवाल
कौन है तुरामडीह माइंस मैनेजर मनोज मिश्रा
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा | राष्ट्र संवाद ब्यूरो
तुरामडीह माइंस मैनेजर मनोज मिश्रा के वर्षों से एक ही पद पर बने रहने को लेकर राष्ट्र संवाद में प्रकाशित खबर का असर दिखने लगा है। खबर सामने आने के बाद यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (UCIL) के शीर्ष प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी समीक्षा करने की बात कही है।
नए अधिकारी ने कही जांच-पड़ताल की बात
UCIL के एक वरिष्ठ अधिकारी ने राष्ट्र संवाद से बातचीत में कहा, “यह मामला हमारे संज्ञान में आया है। मैं अभी नया आया हूं। यह गंभीर मामला है। इस पर UCIL प्रबंधन को ही निर्णय लेना है। मामले की जांच-पड़ताल की जाएगी।”
प्रबंधन के इस रुख के बाद लंबे समय से एक ही पद पर जमे अधिकारियों और तबादला नीति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, हीरक जयंती समारोह के बाद उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में प्रशासनिक व्यवस्था की समीक्षा के दौरान कुछ अधिकारियों के तबादले की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
एक ही कंपनी में तबादले के अलग-अलग नियम क्यों?
UCIL में अधिकारियों के तबादलों को लेकर कथित असमानता पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि तुरामडीह जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कुछ अधिकारी पांच से सात वर्षों से एक ही स्थान पर बने हुए हैं, जबकि दूसरी ओर कुछ अधिकारियों का महज दो वर्षों में चार बार तक तबादला किया जा चुका है।
इस स्थिति ने कंपनी की तबादला नीति में समानता और पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े किए हैं। बार-बार तबादले का सामना करने वाले अधिकारियों के बीच भी नाराजगी की चर्चा है। उनका सवाल है कि यदि कुछ अधिकारियों का बार-बार स्थानांतरण किया जा सकता है, तो महत्वपूर्ण पदों पर वर्षों से तैनात अधिकारियों के मामले में भी समान नीति क्यों नहीं अपनाई जाती?
केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संवेदनशील पदों पर निर्धारित अवधि के बाद रोटेशन का मुद्दा भी इस विवाद के केंद्र में है। हालांकि, संबंधित पदों पर लागू नियमों और उनके पालन की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
समीक्षा के बाद कार्रवाई पर टिकी निगाहें
UCIL प्रबंधन की ओर से मामले की समीक्षा किए जाने की बात सामने आने के बाद अब संभावित प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर निगाहें टिकी हैं। हालांकि, अभी तक किसी अधिकारी के तबादले या अन्य कार्रवाई का आधिकारिक आदेश जारी होने की पुष्टि नहीं हुई है।
राष्ट्र संवाद इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। अब देखना होगा कि प्रबंधन की समीक्षा के बाद वर्षों से एक ही पद पर तैनात अधिकारियों और बार-बार तबादले का सामना कर रहे कर्मचारियों के मामले में क्या निर्णय लिया जाता है।

