लेखक: प्रो. आरके जैन “अरिजीत”समाज की संवेदनहीनता अब कोई छिपी हुई बीमारी नहीं, बल्कि खुले घाव की तरह फैल रही…
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लेखक: इंद्र यादवबूढ़े बाप की खामोशीएक वक्त था जब उस शख्स की एक दहाड़ से पूरा घर संभल जाता था।…
मानवता का क्षरण: समाज में बढ़ती हिंसा और घटती संवेदनाएँ इंद्र यादव की यह रिपोर्ट समाज में बढ़ते मानवता का…
लेखक: इंद्र यादवमुंबई/इंद्र यादव/आजकल कहा जाता है कि कलम में बहुत ताकत होती है। लेकिन सच तो यह है कि…
हाल ही में पुणे के लोहगढ़ किले की ऊंची पहाड़ी से मंगेतर केतन अग्रवाल को धक्का देकर हत्या करने के…
