Browsing: सामाजिक मुद्दे

लेखक: प्रो. आरके जैन “अरिजीत”समाज की संवेदनहीनता अब कोई छिपी हुई बीमारी नहीं, बल्कि खुले घाव की तरह फैल रही…

मानवता का क्षरण: समाज में बढ़ती हिंसा और घटती संवेदनाएँ इंद्र यादव की यह रिपोर्ट समाज में बढ़ते मानवता का…

लेखक: इंद्र यादवमुंबई/इंद्र यादव/आजकल कहा जाता है कि कलम में बहुत ताकत होती है। लेकिन सच तो यह है कि…