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    Home » I-PAC मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त: ममता के दखल पर सवाल | राष्ट्र संवाद
    Headlines राजनीति राष्ट्रीय

    I-PAC मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त: ममता के दखल पर सवाल | राष्ट्र संवाद

    Devanand SinghBy Devanand SinghApril 22, 2026No Comments2 Mins Read
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    I-PAC मामले
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    I-PAC मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, CM के दखल पर उठे सवाल

    नई दिल्ली/कोलकाता
    राष्ट्र संवाद संवाददाता
    I-PAC रेड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अदालत ने सख्त रुख अपनाया। कोर्ट ने जांच के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हस्तक्षेप को गलत ठहराते हुए कहा कि इस तरह का कदम लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक है।
    सुनवाई के दौरान जस्टिस पी.के. मिश्रा ने टिप्पणी की कि किसी भी राज्य का मुख्यमंत्री यदि जांच एजेंसी के दफ्तर पहुंचता है, तो यह सामान्य स्थिति नहीं मानी जा सकती। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह राज्य और केंद्र के बीच का विवाद नहीं, बल्कि एक व्यक्ति विशेष के आचरण का मामला है।
    दरअसल, 8 जनवरी को कोलकाता में I-PAC प्रमुख प्रतीक जैन के घर और दफ्तर पर ED ने छापेमारी की थी। इसी दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वहां पहुंच गई थीं, जिस पर ED ने जांच में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
    मामले में ममता बनर्जी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि ED के पास मौलिक अधिकार का दावा करने का अधिकार नहीं है। वहीं ED ने कहा कि उनके अधिकारियों के अधिकारों का उल्लंघन नहीं हुआ, बल्कि वे अपने कर्तव्य का पालन कर रहे थे।
    इस बीच, चुनावी रणनीति बनाने वाली संस्था I-PAC का कोलकाता कार्यालय भी बंद कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि यह कदम चुनावी गतिविधियों के बीच उठाया गया है, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
    सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी ने एक बार फिर जांच एजेंसियों की स्वतंत्रता और राजनीतिक दखल के मुद्दे को केंद्र में ला दिया है।

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