लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
झारखंड के औद्योगिक नगरी जमशेदपुर से सटे सुंदरनगर क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल चरम पर है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी छह दिवसीय गणेशोत्सव की तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। गणपति बप्पा के आगमन को लेकर भक्तों में अपार उल्लास देखने को मिल रहा है। सपोर्टिंग क्लब के सदस्य दिन-रात एक करके पंडाल निर्माण, साज-सज्जा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। यह उत्सव न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक भी बन चुका है।
सुंदरनगर में छह दिवसीय गणेशोत्सव का भव्य आयोजन
सुंदरनगर स्थित सपोर्टिंग क्लब में छह दिवसीय गणेशोत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 13 से 18 सितंबर तक आयोजित होने वाले उत्सव को लेकर भक्तिमय माहौल में विधिवत भूमि पूजन किया गया।
क्लब अध्यक्ष भारती देवी के नेतृत्व में हुए भूमि पूजन में सचिव अमित मिश्रा, प्रवक्ता मोहित निषाद, गीता देवी, तारा सिंगरी, राज भारती, बंटी शर्मा, प्रदीप अग्रवाल, रोहन, गुरु, मिक्कू सिंह, संजय शर्मा सहित क्लब के सदस्य एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
आयोजन समिति की तैयारियां और रूपरेखा
सपोर्टिंग क्लब पिछले कई वर्षों से इस भव्य आयोजन का सफल संचालन करता आ रहा है। इस वर्ष क्लब की नई कार्यकारिणी ने उत्सव को और भी भव्य बनाने का संकल्प लिया है। पंडाल का निर्माण पारंपरिक शैली में किया जा रहा है, जिसमें पर्यावरण के अनुकूल सामग्रियों का प्रयोग प्रमुखता से किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था के लिए स्वयंसेवकों की टीम गठित की गई है, जो स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित करेगी। इसके अलावा, स्वच्छता अभियान के तहत पूरे परिसर को प्लास्टिक मुक्त रखने का निर्णय लिया गया है।
कमेटी सदस्य संजय शर्मा ने बताया कि इस वर्ष भी गणेशोत्सव भव्य रूप से मनाया जाएगा। 13 सितंबर को सुबह 8 बजे उद्घाटन के बाद पूजा-अर्चना एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। बच्चों और युवाओं के लिए जूनियर व सीनियर वर्ग में डांस प्रतियोगिता के साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मनोरंजन के लिए छोटे मेले की भी व्यवस्था रहेगी।
सांस्कृतिक संध्या और प्रतियोगिताओं का आकर्षण
उत्सव के दौरान प्रतिदिन संध्या काल में भजन संध्या, कीर्तन और स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। डांस प्रतियोगिता इस आयोजन का मुख्य आकर्षण होती है, जिसमें आसपास के गांवों और कस्बों के सैकड़ों बच्चे भाग लेते हैं। विजेताओं को आकर्षक पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। मेले में झूले, खाने-पीने के स्टॉल और खिलौनों की दुकानें बच्चों और परिवारों के मनोरंजन का पूरा ख्याल रखेंगी। आयोजन समिति ने अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर भक्तगण पुण्य लाभ अर्जित करें।
18 सितंबर को शाम 3 बजे भगवान गणेश की भव्य झांकी के साथ विसर्जन जुलूस निकाला जाएगा, जिसके साथ छह दिवसीय गणेशोत्सव का समापन होगा।
विसर्जन जुलूस की भव्य तैयारियां
समापन दिवस पर निकलने वाला विसर्जन जुलूस इस आयोजन का सबसे मनोरम दृश्य होता है। ढोल-नगाड़ों, डीजे की धुन पर थिरकते भक्त और गुलाल-रंग से सराबोर माहौल देखते ही बनता है। जुलूस सुंदरनगर के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए विसर्जन घाट तक पहुंचेगा। प्रशासन द्वारा यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए रूट डायवर्जन की योजना तैयार की जा रही है। इस दौरान पेयजल, चिकित्सा शिविर और खोया-पाया केंद्र की व्यवस्था भी रहेगी। गणेश चतुर्थी के इस पावन अवसर पर सुंदरनगर समेत आसपास के क्षेत्रों में भी उत्सव की धूम मची हुई है। अधिक जानकारी के लिए आप गणेश चतुर्थी का इतिहास पढ़ सकते हैं।

