राष्ट्र संवाद संवाददाता
सरायकेला नगर पंचायत क्षेत्र में अनियमित पेयजल आपूर्ति और खराब गुणवत्ता को लेकर मिल रही लगातार शिकायतों के बीच नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने सख्त रुख अपनाते हुए जल शोधन संयंत्र का औचक निरीक्षण किया। सोमवार को उपाध्यक्ष अविनाश कवि, वार्ड पार्षद विक्रम मोदक और गौतम नायक के साथ पहुंचे अध्यक्ष ने मौके पर ही अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए व्यवस्था में तत्काल सुधार के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जल एवं स्वच्छता विभाग के इंजीनियरों और अधिकारियों की मौजूदगी में उन्होंने जलापूर्ति प्रणाली की गहन समीक्षा की और स्पष्ट कहा कि पेयजल की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने हर महीने कच्चे पानी, फिल्टर पानी और उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाले पानी के नमूनों की अधिकृत प्रयोगशाला में जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि हर स्तर पर गुणवत्ता की निगरानी हो सके। अध्यक्ष ने जलापूर्ति व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए नई मोटर की स्थापना, जुस्को कनेक्शन की संभावनाओं की जांच तथा मोटर रूम को वातानुकूलित करने हेतु शीघ्र तकनीकी रिपोर्ट तैयार करने को कहा। वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट परिसर में गंदगी मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए तत्काल साफ-सफाई और जल निकासी सुधार के लिए कल्वर्ट व नाली निर्माण कार्य को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने दो टूक कहा कि नगर पंचायत का लक्ष्य नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित और नियमित पेयजल उपलब्ध कराना है और किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही आम लोगों से जल संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने की अपील की गई। अध्यक्ष के इस सख्त रुख और औचक निरीक्षण के बाद क्षेत्र में उम्मीद जगी है कि जलापूर्ति व्यवस्था में जल्द सुधार होगा और लोगों को लंबे समय से चली आ रही समस्याओं से राहत मिलेगी।

