जमशेदपुर को स्वच्छता में अव्वल बनाने का संकल्प के साथ स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय के शिक्षा प्रतिनिधि एसपी सिंह ने नागरिकों से शहर को स्वच्छ और विकसित बनाने का आह्वान किया।
जमशेदपुर को स्वच्छता में अव्वल बनाने का संकल्प: सामूहिक प्रयास की आवश्यकता
जमशेदपुर। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय के शिक्षा प्रतिनिधि एसपी सिंह ने कहा कि आजादी के 80 वर्ष बाद भी शहरों में यूटिलिटी सर्विसेज पूरी तरह व्यवस्थित नहीं हो सकी हैं। जमशेदपुर जैसे औद्योगिक और महत्वपूर्ण शहर में भी स्वच्छता और पेयजल उपलब्धता जैसी बुनियादी समस्याएं आज गंभीर मुद्दा बनी हुई हैं। प्रशासन को इन समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए प्राथमिकता के साथ काम करना चाहिए।
एसपी सिंह शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बिष्टुपुर में झंडोत्तोलन के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश आजादी के 80वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है और अब हमारा लक्ष्य केवल विकास करना नहीं, बल्कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। इस लक्ष्य की शुरुआत अपने शहर और समाज को बेहतर बनाने से होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जमशेदपुर की पहचान देश के सबसे स्वच्छ और व्यवस्थित शहरों में होनी चाहिए। इसके लिए केवल प्रशासन ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। स्वच्छता, पेयजल और बेहतर नागरिक सुविधाओं को लेकर सामूहिक प्रयास जरूरी है।
एसपी सिंह ने लोगों से आह्वान किया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सभी यह संकल्प लें कि जमशेदपुर को स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं के मामले में देश के अग्रणी शहरों में शामिल कराने में अपनी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि जब नागरिक जागरूक होंगे और प्रशासन जवाबदेह तरीके से काम करेगा, तभी शहर को बेहतर और विकसित बनाया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि आजादी का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक होगा, जब हर नागरिक को बेहतर जीवन, स्वच्छ वातावरण और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों। इसलिए विकसित भारत के संकल्प के साथ विकसित और व्यवस्थित जमशेदपुर बनाने की दिशा में भी गंभीर प्रयास किए जाने चाहिए।
स्वच्छता केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह हर नागरिक की दैनिक आदत बननी चाहिए। जमशेदपुर जैसे औद्योगिक नगर में कचरा प्रबंधन, जल निकासी और वायु गुणवत्ता जैसी चुनौतियां निरंतर बनी रहती हैं।
हाल के वर्षों में स्वच्छ सर्वेक्षण में जमशेदपुर की रैंकिंग में सुधार देखने को मिला है, लेकिन शीर्ष स्थान हासिल करने के लिए सतत प्रयास आवश्यक हैं। नागरिकों को कचरे का पृथक्करण, प्लास्टिक का उपयोग कम करना और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी न फैलाने जैसे छोटे-छोटे कदम उठाने होंगे।
प्रशासन की ओर से डोर-टू-डोर कचरा संग्रह, सामुदायिक शौचालयों का निर्माण और जलापूर्ति व्यवस्था के आधुनिकीकरण पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि, इन योजनाओं की सफलता नागरिकों की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करती है।
भारत सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के तहत जमशेदपुर ने पिछले वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है। इस मिशन का लक्ष्य 2026 तक सभी शहरों को कचरा मुक्त बनाना है।
एसपी सिंह ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा जब हर शहर स्वच्छ, सुव्यवस्थित और नागरिक सुविधाओं से युक्त हो। उन्होंने युवाओं, महिला समूहों और सामाजिक संगठनों से आगे आकर स्वच्छता अभियान को जनांदोलन बनाने का अनुरोध किया।
आने वाले दिनों में जमशेदपुर नगर निगम द्वारा वार्ड स्तर पर स्वच्छता समितियों का गठन किया जाएगा, ताकि स्थानीय समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके। नागरिकों से अपील है कि वे अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी लें और शहर को देश का आदर्श स्वच्छ शहर बनाने में योगदान दें।

