नई दिल्ली: 80वें स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर लाल किले से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन से पहले जारी निमंत्रण पत्रों पर नवनिर्मित सेवा तीर्थ परिसर की तस्वीर प्रमुखता से प्रदर्शित की गई है।
सेवा तीर्थ परिसर और धर्म चक्र का महत्व
लाल किले पर शनिवार को आयोजित 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए जारी निमंत्रण पत्रों पर नवनिर्मित ‘सेवा तीर्थ’ परिसर की तस्वीर प्रमुखता से दी गई ।
इस परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और मंत्रिमंडल सचिवालय हैं।
निमंत्रण पत्रों पर ‘धर्म चक्र’ भी दर्शाया गया है, जो ‘‘धर्मसंगत कर्तव्य की निरंतर गति और सतत निस्वार्थ कर्म’’ का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को दिल्ली में लाल किला परिसर से स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व किया।
रक्षा मंत्रालय ने कहा था, ‘‘इस भव्य आयोजन में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्ष की स्थायी विरासत को भी याद किया जाएगा और 2047 तक विकसित भारत की यात्रा को आगे बढ़ाने में ‘युवा शक्ति’ की ऊर्जा, आकांक्षाओं और महत्वपूर्ण योगदान का उत्सव मनाया जाएगा।’’
एक पृष्ठ वाले मुद्रित निमंत्रण पत्र पर सेवा तीर्थ परिसर की तस्वीर है।
रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी कई पृष्ठों वाले ई-निमंत्रण पत्र में बीच में सेवा तीर्थ परिसर की तस्वीर, ऊपर दाईं ओर ‘धर्म चक्र’ का प्रतीक और ऊपर बाईं ओर दीर्घा का नाम दिया गया है। इसमें मूल कर्तव्यों की सूची तथा ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह छंद अंग्रेजी और हिंदी में दिए गए हैं।
इसके एक अन्य पृष्ठ पर तीन क्यूआर कोड दिए गए हैं। इनमें से एक को स्कैन कर 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है, दूसरे को स्कैन कर ‘वंदे मातरम्’ सुना जा सकता है और तीसरे को स्कैन करने पर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने का मार्ग, बैठने की व्यवस्था और यातायात संबंधी जानकारी मिलेगी।
झीलों के नाम पर दीर्घाएं और वीआईपी संस्कृति का अंत
स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए बैठने की दीर्घाओं के नाम भारत की प्रमुख झीलों के नाम पर रखे गए हैं।
इनमें बड़खल, भीमताल, चंद्रताल, चिलिका, दलपत सागर, डिमना, दूधसागर, हाफलोंग, हरिके, हुसैन सागर, कंवर, कांकरिया, कोलेरू, लोकटक, लोनार, पैंगोंग त्सो, पुलिकट, पुष्कर, रवींद्र सरोवर, रामगढ़ ताल, रुद्रसागर, सांख्य सागर, शांति सागर, वेम्बनाड और वुलर शामिल हैं।
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ‘‘वीआईपी संस्कृति समाप्त करने’’ के प्रयासों और जल संरक्षण के महत्व को रेखांकित करने के तहत 2026 के गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान कर्तव्य पथ के किनारे बनी बैठने की दीर्घाओं के नाम नदियों के नाम पर रखे गए थे।
सेवा तीर्थ का उद्घाटन और विशेषताएं
प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिटिश काल में बने नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक के पास निर्मित सेवा तीर्थ परिसर का 13 फरवरी को उद्घाटन किया था। इस नए परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और मंत्रिमंडल सचिवालय हैं।
मोदी ने नए परिसर में सेवा तीर्थ की पट्टिका का भी अनावरण किया था। परिसर की दीवार पर इसका नाम देवनागरी लिपि में अंकित है।
डिजिटल नवाचार और जनभागीदारी
इस वर्ष के निमंत्रण पत्रों में क्यूआर कोड का समावेश डिजिटल इंडिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आम जनता भी इन कोड्स को स्कैन करके समारोह का सीधा प्रसारण देख सकती है, राष्ट्रगीत सुन सकती है और यातायात जानकारी प्राप्त कर सकती है। यह पहल पारदर्शिता और सहभागिता को बढ़ावा देती है। अधिक जानकारी के लिए PIB की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
निष्कर्ष: नए भारत का प्रतीक
सेवा तीर्थ परिसर का निमंत्रण पत्रों पर प्रमुखता से दर्शाया जाना नए भारत की प्रशासनिक दक्षता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है। धर्म चक्र के साथ युवा शक्ति का उत्सव 2047 के विकसित भारत के संकल्प को मजबूती देता है। यह आयोजन केवल एक समारोह नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की सामूहिक यात्रा का एक पड़ाव है।

