Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » अस्सी घाट पर ‘घाट-संध्या’ में गम्हरिया के तरित सरकार की कथक प्रस्तुति ने बांधा समां
    झारखंड सरायकेला-खरसावां

    अस्सी घाट पर ‘घाट-संध्या’ में गम्हरिया के तरित सरकार की कथक प्रस्तुति ने बांधा समां

    Aman OjhaBy Aman OjhaMay 30, 2026No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

     

    गंगा के पावन तट अस्सी घाट पर संध्या का दृश्य उस समय कला और अध्यात्म से आलोकित हो उठा, जब गम्हरिया के प्रसिद्ध युवा कथक कलाकार तरित सरकार ने प्रतिष्ठित सांस्कृतिक आयोजन “घाट-संध्या” में अपनी एकल प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वाराणसी जिला प्रशासन द्वारा बैंक ऑफ बड़ौदा के सहयोग से “सुबह-ए-बनारस” श्रृंखला के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में तरित सरकार ने अपनी सधी हुई साधना, परिपक्व तकनीक और भावपूर्ण अभिव्यक्ति से कथक को एक नई ऊँचाई प्रदान की। उन्होंने प्रस्तुति का आरंभ शिव वंदना से किया, जिसमें काशी के अधिष्ठाता भगवान शिव को भावपूर्ण अर्पण प्रस्तुत हुआ। इसके बाद तरित सरकार ने तीनताल में शुद्ध परंपरागत कथक नृत्य प्रस्तुत कर अपनी तकनीकी दक्षता, लय पर नियंत्रण और तत्कार की अद्भुत क्षमता का प्रदर्शन किया। विलंबित से द्रुत लय तक तरित सरकार की प्रस्तुति ने दर्शकों को लगातार बांधे रखा। कार्यक्रम का समापन तरित सरकार की राग मेघ आधारित ध्रुपद प्रस्तुति से हुआ, जिसने वातावरण को गहराई और भावनात्मक ऊर्जा से भर दिया।

    गम्हरिया, जमशेदपुर से आए तरित सरकार को उनकी सशक्त मंच उपस्थिति, सुसंयमित नृत्य शैली और भावपूर्ण अभिव्यक्ति के लिए विशेष सराहना मिली। दर्शकों और आयोजकों ने तरित सरकार की प्रस्तुति को अत्यंत प्रभावशाली और स्मरणीय बताया। बताया गया है कि “घाट-संध्या” भारतीय कला, अध्यात्म और परंपरा का उत्सव है, और तरित सरकार की प्रस्तुति ने इस उद्देश्य को और भी सार्थक बना दिया।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleकांड्रा के बुरुडीह में पुलिस ने दो अवैध शराब भट्ठी किया ध्वस्त
    Next Article मझगांव में भालू का हमला, शौच के लिए गए युवक को किया घायल

    Related Posts

    जुगसलाई अग्निकांड ने खोली प्रशासनिक लापरवाही की पोल

    May 30, 2026

    धर्मांतरण के खिलाफ फिर मुखर हुए चंपाई सोरेन, उठाई संवैधानिक बदलाव की मांग

    May 30, 2026

    मुख्यमंत्री से मिलीं विधायक सविता महतो, चार पुलों के निर्माण की उठाई मांग

    May 30, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    जुगसलाई अग्निकांड ने खोली प्रशासनिक लापरवाही की पोल

    धर्मांतरण के खिलाफ फिर मुखर हुए चंपाई सोरेन, उठाई संवैधानिक बदलाव की मांग

    मुख्यमंत्री से मिलीं विधायक सविता महतो, चार पुलों के निर्माण की उठाई मांग

    पूर्व एसडीओ विकास राय को भावभीनी विदाई, नए एसडीओ नितिन शिवम गुप्ता ने उज्वल भविष्य की कामना

    सांसद बिद्युत बरण महतो ने पाथरा एवं बेहेड़ा गांव में विकास योजनाओं का किया शिलान्यास

    मासिक लोक अदालत में 97 मामलों का निपटारा, 6.58 लाख रुपये राजस्व की प्राप्ति

    मझगांव में भालू का हमला, शौच के लिए गए युवक को किया घायल

    अस्सी घाट पर ‘घाट-संध्या’ में गम्हरिया के तरित सरकार की कथक प्रस्तुति ने बांधा समां

    कांड्रा के बुरुडीह में पुलिस ने दो अवैध शराब भट्ठी किया ध्वस्त

    गम्हरिया प्रखंड सभागार में विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विभिन्न राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.