प्रकृति संरक्षण का पर्व जाहेरडीह में सरहुल महोत्सव
राष्ट्र संवाद संवाददाता
चांडिल ईचगढ प्रखंड क्षेत्र के जाहेरडीह ग्राम में सोमवार को प्रकृति पर्व सरहुल पारंपरिक उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। गांव में सुबह से ही उत्सव का माहौल रहा और लोग पारंपरिक वेशभूषा में कार्यक्रम स्थल पर जुटे।
माझी बाबा गणेश चंद्र टुडू ने जाहेर स्थान पर इष्ट देवता की विधिवत पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि, हरियाली एवं अच्छी फसल की कामना की। पूजा के बाद समाज के पुरुष, महिलाएं और युवतियां पारंपरिक परिधानों में शामिल हुए और सामूहिक रूप से पर्व की खुशियां मनाईं।
समिति के गणेश चंद्र टुडू ने बताया कि सरहुल पर्व पूर्वजों के समय से चली आ रही परंपरा है। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपरा और पर्यावरण संरक्षण के महत्व से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि समुदाय का प्रकृति से अटूट संबंध है और यही कारण है कि आज भी प्रकृति और संस्कृति को सहेज कर रखा गया है।
उन्होंने सभी लोगों से अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने और पर्यावरण की शुद्धता बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मानव जीवन प्रकृति पर निर्भर है, इसलिए इसकी रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है।

