दुमका में संथाली साहित्य महोत्सव, रवींद्रनाथ महतो ने भाषा संरक्षण पर दिया जोर
राष्ट्र संवाद सं
दुमका: सिद्धो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर संताली विभाग द्वारा आयोजित “47 याक् संताली साँवहेंत माहाँ सेमेलत् -2026 (भैंया हाँसदाक् ‘चासा’ विशेष)” कार्यक्रम में झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि संथाली भाषा और साहित्य देश की समृद्ध जनजातीय विरासत का महत्वपूर्ण आधार है। यह हमारी सांस्कृतिक पहचान, परंपराओं और जीवन मूल्यों को संजोए रखने में अहम भूमिका निभाता है।
उन्होंने प्रख्यात संथाली साहित्यकार भैया हांसदा ‘दादा’ को याद करते हुए कहा कि उनकी सशक्त लेखनी ने संथाली भाषा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। उनके साहित्य में समाज की समस्याओं, सांस्कृतिक चेतना और जनजीवन का सजीव चित्रण मिलता है, जो आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है।
कार्यक्रम के दौरान आयोजन समिति, विद्वानों और प्रतिभागियों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन संथाली भाषा और साहित्य के संरक्षण एवं संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसे समारोह और स्मारिकाएँ भविष्य में भी इस दिशा में नई ऊर्जा का संचार करती रहेंगी।

