समर्पण दीप अध्यात्म महोत्सव के प्रचार हेतु संत प्रवर विज्ञान देव जी महाराज का झारखंड प्रवास जारी
राष्ट्र संवाद संवाददाता
गुमला/जमशेदपुर, 2 सितंबर। विहंगम योग संत समाज की स्थापना महर्षि सद्गुरु सदाफल देव जी महाराज द्वारा वर्ष 1924 में की गई थी। स्थापना के बाद से प्रतिवर्ष इसका वार्षिकोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता रहा है। इस वर्ष समाज का 103वां स्थापना महोत्सव 14 एवं 15 दिसंबर को वाराणसी स्थित स्वर्वेद महामंदिर परिसर में “समर्पण दीप अध्यात्म महोत्सव” के रूप में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर 25,000 कुंडीय स्वर्वेद ज्ञान महायज्ञ का भव्य आयोजन भी होगा।
महोत्सव के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं स्वर्वेद के आध्यात्मिक संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से विहंगम योग की चौथी पीढ़ी में सद्गुरु के उत्तराधिकारी संत प्रवर विज्ञान देव जी महाराज कन्याकुमारी से कश्मीर तक अखिल भारतीय यात्रा पर हैं। जुलाई माह से प्रारंभ हुई यह यात्रा अक्टूबर तक चलेगी।
इसी क्रम में संत प्रवर का काफिला 2 सितंबर को गढ़वा पहुंचा। इसके बाद यात्रा डाल्टनगंज और लातेहार होते हुए 4 सितंबर को गुमला पहुंचेगी। गुमला में उसी दिन शाम 6 बजे से नरभे राम हंसराज स्कूल ऑडिटोरियम में संत प्रवर का विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में वे समर्पण दीप अध्यात्म महोत्सव के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालेंगे तथा अपनी दिव्य वाणी से श्रद्धालुओं और अध्यात्म प्रेमियों को संबोधित करेंगे।
संत प्रवर का यह प्रवास गुमला के बाद रांची, रामगढ़, बोकारो और हजारीबाग सहित झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों में 13 सितंबर तक जारी रहेगा। जमशेदपुर के नरभेराम स्कूल ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम का संचालन कोल्हान क्षेत्र के तीनों जिलों—पूर्वी सिंहभूम, पश्चिम सिंहभूम एवं सरायकेला-खरसावां—के विहंगम योग परिवार द्वारा किया जा रहा है।
मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में कार्यक्रम प्रभारी एवं सरायकेला-खरसावां के संयोजक शंभू पंडित, पूर्वी सिंहभूम के संयोजक विजेंद्र उपाध्याय, युवा विहंगम योग समाज कोल्हान के प्रभारी रवि सिंह, नीरज मिश्रा, महावीर कुमार, राम विनोद गुप्ता सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

