जयपुर. राजस्थान के सिरोही जिले के रेवदर क्षेत्र के उड़वारियां गांव में अंग्रेजी विषय के शिक्षक की नियुक्ति को लेकर विद्यार्थियों का विरोध सामने आया है. शिक्षक की नियुक्ति नहीं होने से नाराज करीब 400 विद्यार्थियों ने मंगलवार को स्कूल का बहिष्कार किया. विद्यार्थियों का आरोप है कि आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक शिक्षण व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ, जिसके चलते उन्होंने स्कूल परिसर से दूरी बनाकर अपना विरोध जताया.
24 अगस्त को ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने स्कूल में तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन किया था. उस दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारियों की ओर से शिक्षक की व्यवस्था करने का लिखित आश्वासन दिए जाने की बात सामने आई थी. विद्यार्थियों और ग्रामीणों का कहना है कि आश्वासन के बाद भी अंग्रेजी विषय के शिक्षक की स्कूल में व्यवस्था नहीं होने से उनमें नाराजगी बढ़ती गई.
शिक्षक की लगाई गई चुनाव ड्यूटी
मामले में एक और पेच तब सामने आया, जब जिस शिक्षक को उड़वारियां स्कूल में शिक्षण व्यवस्था के लिए लगाए जाने की बात कही गई थी, उसकी 21 अगस्त से चुनाव ड्यूटी जिला नियंत्रण कक्ष में लगा दी गई. इसके चलते विद्यार्थियों को अपेक्षित शिक्षक उपलब्ध नहीं हो सका. ग्रामीणों ने इसे विद्यार्थियों के साथ किए गए आश्वासन के विपरीत बताते हुए नाराजगी जताई है.
ग्रामीणों का आरोप है कि उड़वारियां स्कूल में अंग्रेजी विषय के शिक्षक का पद रिक्त है, लेकिन शिक्षक को अन्य स्थान पर डेपुटेशन अथवा शिक्षण व्यवस्था के तहत भेजे जाने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. इसी के विरोध में विद्यार्थियों ने स्कूल नहीं पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराया. वहीं, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी महेंद्र नैनीवाल ने मामले में विभागीय कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी है.
मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी ने ये कहा
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जिस शिक्षक को शिक्षण व्यवस्था के तहत शिवगंज लगाया गया था, उसका आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि उड़वारियां स्कूल में अंग्रेजी शिक्षक का पद पूर्व में शिक्षक के प्रमोशन के कारण रिक्त हुआ था. बाद में अन्य स्थान से शिक्षक को शिक्षण व्यवस्था के तौर पर लगाया गया था, लेकिन अब उस व्यवस्था को निरस्त करते हुए शिक्षक को पुन: उड़वारियां की मूल पोस्ट पर लगाने का आदेश जारी कर दिया गया है.
मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी के अनुसार, विद्यार्थियों की मांग पूरी कर दी गई है और उनसे समझाइश के बाद मामला समाप्त कर दिया गया. हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता और शिक्षण व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. फिलहाल शिक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद विद्यार्थियों का विरोध समाप्त होने की बात कही जा रही है.

