मुंबई. सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियन की मौत से जुड़े मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. बॉम्बे हाई कोर्ट ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया है. कोर्ट ने सीबीआई को मामले में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश भी दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत के इस आदेश के बाद अब दिशा सालियन की मौत से जुड़े घटनाक्रम और मामले में सामने आए आरोपों की जांच सीबीआई करेगी. दिशा सालियन की मौत से जुड़े हालात लंबे समय से चर्चा और जांच के दायरे में रहे हैं.
बॉम्बे हाई कोर्ट ने मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी को स्नढ्ढक्र दर्ज करने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही कोर्ट ने दिशा सालियन की मौत के मामले की आगे की जांच ष्टक्चढ्ढ से कराने का आदेश दिया है. अब जांच एजेंसी मामले से जुड़े उपलब्ध तथ्यों और परिस्थितियों की पड़ताल करेगी. जांच के दौरान सामने आने वाली जानकारी के आधार पर मामले से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की जांच की जाएगी.
दिशा सालियन की मौत से जुड़ा मामला
दिशा सालियन सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं. उनकी मौत जून 2020 में हुई थी. उनकी मौत के बाद मामले को लेकर कई तरह के सवाल और दावे सामने आए थे. समय के साथ यह मामला सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बन गया और उनकी मौत की परिस्थितियों को लेकर अलग-अलग दावे किए जाते रहे. अब बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद इस मामले की जांच सीबीआई के पास जाने का रास्ता साफ हो गया है.
सीबीआई अब एफआईआर दर्ज करने के बाद मामले से जुड़े तथ्यों और आरोपों की जांच करेगी. एजेंसी घटनाक्रम से संबंधित परिस्थितियों की पड़ताल कर सकती है और जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी. हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि सीबीआई की जांच में क्या निष्कर्ष सामने आएगा. मामले में किसी भी आरोप की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी.
सुशांत सिंह राजपूत मामले से भी जुड़ा रहा है नाम
दिशा सालियन का नाम सुशांत सिंह राजपूत से जुड़े घटनाक्रम के कारण भी लंबे समय से चर्चा में रहा है. दोनों की मौत के बीच कथित संबंधों को लेकर सार्वजनिक स्तर पर कई सवाल उठाए गए थे. अब हाई कोर्ट के सीबीआई जांच के आदेश के बाद दिशा सालियन की मौत से जुड़े मामले में जांच नए सिरे से आगे बढ़ेगी. सीबीआई की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में किन परिस्थितियों और आरोपों की पुष्टि होती है.

