लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। उलीडीह ओपी क्षेत्र के संजय पथ स्थित एक फ्लैट में कथित संदिग्ध गतिविधियों को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
निवासियों ने फ्लैट में रहने वाली नंदनी मुखर्जी और काशीडीह निवासी बीके शर्मा पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस-प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि फ्लैट में कई महीनों से संदिग्ध लोगों का आना-जाना लगा रहता है और नाबालिगों को कथित तौर पर बहला-फुसलाकर गलत गतिविधियों में शामिल करने का प्रयास किया जाता है। हालांकि, इन आरोपों की पुलिस या प्रशासन ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
मामला तब चर्चा में आया जब अपार्टमेंट का एक नाबालिग किशोर देर रात अपने एक दोस्त की मदद करने की बात कहकर घर से निकला और कथित तौर पर उक्त फ्लैट में पहुंचा। परिजनों के पीछे आने पर फ्लैट के बाहर ताला लगाए जाने और बाद में नंदनी मुखर्जी द्वारा ताला तोड़कर किशोर को बाहर ले जाने की बात स्थानीय लोगों ने कही।
घटना के बाद अपार्टमेंट के लोगों ने संबंधित फ्लैट की गतिविधियों की जांच, आरोपित लोगों से पूछताछ और आरोप सही पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
संजय पथ स्थित एक फ्लैट में कथित संदिग्ध गतिविधियों की जांच जरूरी
उलीडीह ओपी क्षेत्र के संजय पथ में स्थित इस फ्लैट को लेकर पिछले कई महीनों से स्थानीय निवासियों में असंतोष पनप रहा था। अपार्टमेंट के निवासियों का कहना है कि फ्लैट से देर रात तक अजनबियों का आना-जाना लगा रहता है, जिससे महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। नंदनी मुखर्जी और बीके शर्मा पर लगे आरोपों ने इस चिंता को और गहरा कर दिया है।
निवासियों ने सौंपा ज्ञापन, कार्रवाई की मांग
घटना के तुरंत बाद अपार्टमेंट की प्रबंधन समिति और स्थानीय नागरिकों ने एक बैठक बुलाई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि वे उलीडीह ओपी प्रभारी और जमशेदपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक को लिखित ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करेंगे। निवासियों का कहना है कि यदि पुलिस निष्पक्ष जांच नहीं करती तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
पुलिस का पक्ष और आगे की कार्रवाई
उलीडीह ओपी प्रभारी ने मीडिया को बताया कि उन्हें लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है। फ्लैट में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही, आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिक जानकारी के लिए झारखंड पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
बच्चों की सुरक्षा बनी प्रमुख चिंता
इस घटना ने अपार्टमेंट में रहने वाले अभिभावकों को झकझोर कर रख दिया है। कई माता-पिता ने अपने बच्चों को अकेले बाहर न भेजने का फैसला किया है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता रमेश कुमार ने कहा, “यह केवल एक फ्लैट का मामला नहीं है, बल्कि पूरे समाज की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। प्रशासन को संवेदनशीलता दिखाते हुए त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए।”
कानूनी विशेषज्ञों की राय
कानूनी जानकारों का मानना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपियों पर पॉक्सो एक्ट, आईपीसी की धारा 363 (अपहरण) और धारा 342 (गलत तरीके से कैद करना) के तहत मामला दर्ज हो सकता है। साथ ही, फ्लैट मालिक पर भी किराएदार का सत्यापन न कराने के लिए कार्रवाई संभव है।
फिलहाल, संजय पथ का माहौल तनावपूर्ण लेकिन शांतिपूर्ण है। पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है। निवासियों को उम्मीद है कि जल्द ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
