जन सुराज धरना की घोषणा के साथ ही खोदावंदपुर प्रखंड मुख्यालय पर 12 सितंबर को बड़े प्रदर्शन की तैयारियां तेज हो गई हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव जाकर जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है और आम लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की जा रही है।
बिहार में जन सुराज पार्टी लंबे समय से ग्रामीण स्तर की समस्याओं को उठाती रही है। प्रशांत किशोर के नेतृत्व में यह संगठन लगातार प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद करता रहा है। खोदावंदपुर प्रखंड की समस्याएं भी लंबे समय से अनसुनी हैं।
पेंशन योजनाओं में देरी, खाद-बीज की कालाबाजारी और महंगाई से त्रस्त किसानों की पीड़ा को देखते हुए जन सुराज ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है।
जन सुराज धरना: 12 सितंबर को खोदावंदपुर में प्रदर्शन
सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि मिलने में हो रही देरी, खाद-बीज की किल्लत, बढ़ती महंगाई एवं भ्रष्टाचार सहित विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर जन सुराज के कार्यकर्ता आगामी 12 सितंबर को खोदावंदपुर प्रखंड मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन करेंगे।
जन सुराज के कार्यकर्ताओं ने प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं खोदावंदपुर थानाध्यक्ष को लिखित सूचना देकर कार्यक्रम की जानकारी दी है।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि क्षेत्र की आम जनता लंबे समय से कई बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है, लेकिन संबंधित समस्याओं के समाधान की दिशा में अपेक्षित पहल नहीं हो रही है।
धरना-प्रदर्शन के माध्यम से जन सुराज के कार्यकर्ता सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभार्थियों को समय पर पेंशन राशि उपलब्ध कराने, किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद एवं बीज उपलब्ध कराने, बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण करने तथा विभिन्न स्तरों पर व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की मांग करेंगे।
जन सुराज कार्यकर्ताओं ने बताया कि 12 सितंबर को आयोजित होने वाले धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम लोगों की भागीदारी भी होगी।
इसकी जानकारी जन सुराज पार्टी के नेता अधिवक्ता रंधीर कुमार वर्मा ने दी है।
अधिवक्ता रंधीर कुमार वर्मा ने कहा कि यह धरना केवल सांकेतिक नहीं, बल्कि मांगें पूरी होने तक जारी रहने वाले आंदोलन की शुरुआत है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि 12 सितंबर तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल भी की जाएगी।
स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस पहल का स्वागत किया है। रामपुर गांव के किसान मोहन सिंह ने कहा, ‘खाद के लिए हम हफ्तों भटकते हैं, पेंशन समय पर नहीं मिलती। जन सुराज ने हमारी आवाज उठाई है, हम साथ देंगे।’
प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल देखी जा रही है। प्रखंड विकास पदाधिकारी ने आश्वासन दिया है कि पेंशन वितरण में तेजी लाई जाएगी और खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। हालांकि, कार्यकर्ता लिखित आश्वासन पर अड़े हैं।
इस धरने में जन सुराज के जिला स्तरीय नेताओं के अलावा पंचायत प्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल होंगे। पार्टी ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से ही मांगें मनवाई जाएंगी।
आगामी दिनों में जन सुराज इसी तरह प्रखंड स्तर पर धरना-प्रदर्शन का सिलसिला जारी रखेगी। अगला पड़ाव बखरी प्रखंड हो सकता है, जहां भी इसी तरह की समस्याएं व्याप्त हैं।
इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
